प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। पूर्वी सिंहभूम जिला के हद में विद्या निकेतन +2 उच्च विद्यालय हल्दीपोखर में कार्यरत समर्पित, निष्ठावान एवं लोकप्रिय पीजीटी हिन्दी शिक्षक अरुण पांडेय के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से हुए निधन से शिक्षा जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनके असामयिक निधन से न केवल विद्यालय परिवार बल्कि पूरे झारखंड राज्य का शैक्षणिक समुदाय मर्माहत है।
स्वर्गीय अरुण पांडेय अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व, अनुशासित जीवनशैली एवं शिक्षण कार्य के प्रति पूर्ण समर्पण के लिए जाने जाते थे। वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को लेकर सदैव चिंतित रहते थे। उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
इधर, दिवंगत शिक्षक की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवारजनों को ढांढस बंधाने के उद्देश्य से बोकारो जिला के हद में पीएमश्री +2 उच्च विद्यालय कसमार में विद्यालय के प्राचार्य फारुक अंसारी के नेतृत्व में 10 फरवरी को भावपूर्ण शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर झारखंड +2 शिक्षक संघ बोकारो के जिला सचिव डॉ अवनीश कुमार झा ने दिवंगत शिक्षक के सम्मान में शोक संदेश पढ़कर सुनाया और उनके शिक्षकीय योगदान को याद किया।
शोक व्यक्त करने वालो में झारखंड +2 शिक्षक संघ प्रांतीय अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद ठाकुर ने कहा कि दिवंगत पांडेय जैसे कर्मनिष्ठ शिक्षक का असमय जाना शिक्षा जगत के लिए गहरा आघात है। उनका जीवन शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। महासचिव राकेश कुमार ने कहा कि स्वर्गीय पांडेय ने पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा सेवा की। उनके निधन से जो शून्य बना है, उसकी भरपाई संभव नहीं। संघ के तकनीकी सचिव मृत्युंजय कुमार ने कहा कि वे एक आदर्श शिक्षक के साथ-साथ संवेदनशील इंसान भी थे। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष डॉ मिथिलेश कुमार ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला ने एक उत्कृष्ट शिक्षक खो दिया। पूरा शिक्षक समाज इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।
बोकारो जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह के अनुसार दिवंगत अरुण पांडेय का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी था। उनका जाना हम सभी के लिए व्यक्तिगत क्षति है। जिला सचिव बोकारो डॉ अवनीश कुमार झा ने कहा कि उन्होंने शिक्षा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि सेवा माना। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिजनों को संबल प्रदान करें। जिला संरक्षक बोकारो डॉ अजय कुमार पाठक ने कहा कि वे अपने विचारों और आचरण से हमेशा शिक्षकों को सही दिशा दिखाते रहे।
शोक सभा में वरीय शिक्षक डॉ रणजीत कुमार झा, रामबाबू शुक्ल, महाकांत झा, अशोक कुमार रजवार, धनंजय कुमार, सुमन कुमारी, कैलाश कुमार, सीमा कुमारी, परमेश्वर बेसरा, अमित कुमार, डॉ जितेन्द्र कुमार सिंह, खुर्शीद रजा, अरुण विजय एक्का, मेहताब खातून समेत कई शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित थे। सभा के अंत में सभी ने दिवंगत शिक्षक अरुण पांडेय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
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