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महाशिवरात्रि पूर्व बाबा हरिहरनाथ महादेव का होगा हल्दी पूजन और महाश्रृंगार आरती

नगर भ्रमण को 15 फरवरी को निकलेगी बाबा हरिहरनाथ का अद्भुत बारात

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि को लेकर सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मन्दिर में महापर्व आयोजन समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

महाशिवरात्रि पर सोनपुर नगर भ्रमण को बाबा हरिहरनाथ का अद्भुत और अभूतपूर्व बारात निकलेगी। इस तैयारी में बाबा हरिहरनाथ मन्दिर न्यास समिति एवं पुजारियों की टीम भी सक्रिय भागीदारी निभा रही है।

ज्ञात हो कि हल्दी पूजन और महाश्रृंगार आरती के समय 14 फरवरी को बाबा हरिहरनाथ धाम में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण निर्मित होगा, जब डमरू की डमडम, शंखनाद की मंगल ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के पवित्र स्वर पूरे परिसर में प्रतिध्वनित होने लगेंगे।

न्यास समिति द्वारा इस वर्ष 14 फरवरी को भगवान हरिहर का स्मरण कर बाबा हरिहरनाथ महादेव का संध्या 3 बजे से हल्दी पूजन और महाश्रृंगार आरती का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर बाबा हरिहरनाथ मन्दिर में श्रद्धावानों के लिए महाप्रसाद एवं महाभण्डारे की व्यवस्था की गई है।अगले दिन 15 फरवरी महापर्व महाशिवरात्रि को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त तीन से चार बजे मंगला आरती के साथ मन्दिर के कपाट खुलेंगे। बाबा हरिहरनाथ का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महाभिषेक इत्यादि पूजन पश्चात दिनभर श्रद्धालु भक्तगण दिव्य दर्शन करेंगे। बाबा हरिहरनाथ का अद्भुत और अभूतपूर्व बारात नगर भ्रमण पर निकलेगी।

बाबा हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चंद्र शास्त्री, पुजारी पवन शास्त्री एवं नन्द बाबा ने 12 फरवरी को बताया कि सनातन संस्कृति में देवों की आराधना केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि भावनाओं और संबंधों की आध्यात्मिक अभिव्यक्ति भी है। महाशिवरात्रि महापर्व में शिवत्व की महिमा का गुणगान करते हुए वैदिक और लौकिक आयोजनों के माध्यम से समाज के मध्य सनातन धर्म का जीवंत अनुभव स्थापित होता है। कहा कि आज के दौर में जब सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं के संरक्षण की चुनौती सामने है, तब इस प्रकार के नवाचार सनातन संस्कृति की जीवटता और व्यापकता का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि सनातन परंपरा किसी सीमित क्षेत्र या संप्रदाय की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जोड़ने वाली आध्यात्मिक धारा है।

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