अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के रेल ग्राम में राज भाषा विभाग की प्रदर्शनी में एक ऐसा पोस्टर लगा है जिसमें अंग्रेजी भाषा हिंदी को निगल रही है। हिंदी अपनी सुरक्षा के लिए सरकार से गुहार लगा रही है।
मेला में स्थित रेल ग्राम की प्रदर्शनी में कई दशकों से इस पोस्टर को लगाया जा रहा है। यह रेल राज भाषा विभाग के किसी अज्ञात कर्मचारी की हिंदी की दुर्दशा पर एक सटीक चित्रण है। किस तरह से अंग्रेजी ने घर में घुस कर हिंदी को निगलने का प्रयास किया। अपनी बात को आम जनता और सरकार तक पहुंचाने के लिए उसने गज -ग्राह युद्ध के प्रतीक चिह्न एवं गजेन्द्र की रक्षा के लिए गरुड़ पर सवार होकर पहुंचे भगवान श्रीहरि विष्णु के चित्र को आधार बनाया है।
ग्राह (अंग्रेजी) से मुक्ति के लिए गजेन्द्र (हिंदी) कर रहा श्रीहरि की पुकार
मेला के रेल ग्राम के फोटो में भगवान श्रीहरि (विष्णु) को जनता जर्नादन का प्रतीक बताया गया है। हिन्दी रुपी गजेन्द्र अपने सूंड में कमल का फूल लेकर अंग्रेजी ग्राह से मुक्ति के लिए श्रीहरि की पुकार कर रहा है। जब हिंदी गजेन्द्र की रक्षा के लिए कहीं से कोई सफलता नहीं मिली तो उसने अपने आपको जनता जनार्दन को समर्पित करते हुए अंग्रेजी ग्राह से मुक्ति की प्रार्थना की। क्योंकि संविधान में हिंदी की सुरक्षा का वचन दिया गया है। इसलिए श्रीहरि के चक्र सुदर्शन को संविधान बताया गया है। गरुड़ एवं गरुड़ के विशाल पंख को भारतीय प्रशासन की उपमा दी गई है।
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