ओएमसी के नियमों को नहीं मानती एजेंसियां और अधिकारी
मुश्ताक खान/मुंबई। चेंबूर के सिद्धार्थ कॉलोनी में 1 फरवरी 2024 की देर रात एजेंसी विमल गैस सर्विसेज का एलपीजी गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से एक ही घर के तीन लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जबकि आग की चपेट में आए अन्य लोगों का इलाज अब भी चल रहा है। बावजूद इसके भारत पेट्रोलियम, एलपीजी की अधिकारिक एजेंसी विमल गैस सर्विसेज वाले अब पूरी तरह बेलगाम हैं। अपनी इच्छा के अनुसार एलपीजी से भरी वाहनों को किसी भी सार्वजनिक स्थान या मेन रोड पर खड़ी कर सिलेंडरों की खरीद फरोख्त या इस वाहन से उस वाहन में उतारने और चढ़ाने का खेल शुरू कर देते हैं। कुछ ऐसा ही करने के चक्कर में 1 फरवरी 2024 की देर रात पहले सिलेंडर से रिसाव हुआ उसके बाद ब्लास्ट हुआ था।
ताजा मामला सोमवार 9 दिसंबर 2024 का है। विमल गैस सर्विसेज वालों ने चेंबूर के तीन तालाब (चरई गणेश विसर्जन तालाब) के बाजू में सदगुरु स्वामी जयरामदास कुंज उद्यान के पास एलपीजी गैस से भरी वाहनों को मेन रोड पर खड़ा करने लगे हैं। इस बात की जानकारी संवाददाता ने लगभग सवा 2 बजे बीपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक (टीएम) संदीप पवार को फोटो सहित दी। लेकन शाम तक कोई कार्रवाई होता दिखाई नहीं दिया।

गौरतलब है कि चेंबूर स्थित सिद्धार्थ कॉलोनी के एलपीजी गैस सिलेंडर ब्लास्ट हादसे से सीख लेने के बजाये विमल गैस सर्विसेज के लगभग सभी कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं। इस मामले में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
(बीपीसीएल) की अधिकारिक विमल गैस सर्विसेज का कार्यालय चेंबूर पूर्व, एसटी रोड, विकास बिल्डिंग, प्लॉट नं 566, दुकान नं 6, मुंबई में स्थित है।
उस पर कार्रवाई करने के बजाये बीपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक (टी एम) और सेल्स ऑफिसर लिपा पोती में लगे रहते हैं। इन अधिकारियों की लापरवाहियों का खामियाजा हर बार मुंबईकरों जान देकर और माल गवा कर चुकानी पड़ती है। क्या यह सिलसिला चलता ही रहेगा या इस पर विराम लगाने की पहल की जाएगी ? क्योंकि बीपीसीएल का सतर्कता विभाग के आयुक्त और उनके मातहत अधिकारी भी मौन हैं।
ऐसे में माना जा रहा है कि बीपीसीएल की अधिकारिक विमल गैस सर्विसेज के मालिक सहित लगभग सभी कर्मचारी एलपीजी गैस उत्पादक संस्थानों और वितरकों को आयल मार्केटिंग कंपनीस (ओएमसी) के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं हैं। यहां गौर करने वाली बात यह है कि ऐसे में उपभोगताओं की सुरक्षा का क्या होगा ? क्या इसके लिए राशनिंग विभाग और ओएमसी को भी इस मुद्दे पर संज्ञान लेनी चाहिए ?

अगर हां तो सेल्स ऑफिसरों की जिम्मेदारी है कि उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस के उपयोग और उससे सावधानी के लिए जागरूकता अभियान के तहत शेफ्टी क्लिनिक का कार्यक्रम कराएं हो सकता है कि जागरूकता अभियान के जरीय एलपीजी गैस सिलेंडरों में रिसाव और फटने जैसे हादसों को टाला जा सके। बता दें कि पिछले चार पांच वर्षों से एलपीजी गैस उत्पादक संस्थानों और वितरकों ने शेफ्टी क्लिनिक पर ध्यान ही नहीं दिया। जिसका खामियाजा मुंबईकरों को अपनी जान माल देकर चुकानी पड़ रही है।
Tegs: #Again-cylinder-blast-may-occur-due-to-vimal-gas-services
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