रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के गर्री पंचायत भवन के सभागार में 12 अक्टूबर को सूचनाधिकार पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम कसमार नागरिक मंच की ओर से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कसमार प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से पहुंचे गणमान्य जनों को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के प्रावधानों, आवेदन लिखने की प्रक्रिया तथा निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलने पर प्रथम एवं द्वितीय अपील करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन सहयोगिनी संस्था के निदेशक गौतम सागर, शिक्षाविद दुर्गा प्रसाद प्रजापति, जैनामोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह, भाकपा माले नेता शकुर अंसारी, आरटीआई एक्टिविस्ट नीरज भट्टाचार्य, विवेकानंद स्टडी सेंटर के निदेशक संजय शर्मा एवं सत्यवर्धन जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर सहयोगिनी संस्था के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि सूचना का अधिकार आम जनों को शासन-प्रशासन से सवाल पूछने और सार्वजनिक कार्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है। आरटीआई का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि आमजनों को अपने अधिकारों की जानकारी होगी, तभी वे सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जान सकेंगे। जैनामोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि आरटीआई कानून लोकतांत्रिक व्यवस्था में आमजनों को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कहा कि सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों पर होने वाले खर्च और प्रशासनिक निर्णयों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर आमजन व्यवस्था की निगरानी में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई आवेदन स्पष्ट और तथ्यों पर आधारित होना चाहिए, ताकि संबंधित विभाग से नियमानुसार जानकारी प्राप्त की जा सके।
शिक्षाविद दुर्गा प्रसाद प्रजापति ने कहा कि सूचना का अधिकार केवल कागज पर मौजूद कानून नहीं, बल्कि आम रहिवासियों के हाथ में दिया गया महत्वपूर्ण अधिकार है। ग्रामीण क्षेत्रों के रहिवासियों को इसकी जानकारी होने से वे अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जान सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पंचायत स्तर पर नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
आरटीआई एक्टिविस्ट नीरज भट्टाचार्य ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून का सही उपयोग करने के लिए आवेदन प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने उपस्थित जनों को समझाया कि निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलने या संतोषजनक सूचना नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार प्रथम अपील और उसके बाद द्वितीय अपील की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जागरूक जन सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने में महत्वपूर्ण निभा सकते है। विवेकानंद स्टडी सेंटर के निदेशक संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आमजनों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देना भी जरूरी है।
सूचना का अधिकार सभी को सरकारी व्यवस्था को समझने तथा सार्वजनिक हित से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों के बीच भी आरटीआई कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
भाकपा माले नेता शकुर अंसारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए आम जनों को जागरूक होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार कानून जनता को सरकारी कामकाज की जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है और इसके माध्यम से आमजन अपने क्षेत्र की समस्याओं तथा विकास कार्यों से संबंधित सवाल उठा सकते हैं।सत्यवर्धन जायसवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार आमजनों को सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में जानकारी प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर देता है। सभी को आवेदन लिखने और सूचना मांगने की प्रक्रिया समझनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वे अपने अधिकारों का सही उपयोग कर सकें। कहा कि पंचायत स्तर पर ऐसी पाठशालाओं से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ेगी। आरटीआई एक्टिविस्ट हेमंत महतो ने कहा कि सूचना का अधिकार आम रहिवासियों को सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है।
सभी को इस कानून की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे अपने क्षेत्र में हो रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति जान सकें। उन्होंने कहा कि आरटीआई के सही उपयोग से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलती है। कमलेश जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में रहिवासी सूचना का अधिकार कानून का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में सूचनाधिकार पाठशाला जैसे कार्यक्रम रहिवासियों को आवेदन की प्रक्रिया समझने और अपने अधिकारों का उपयोग करने में मदद करते हैं। कहा कि आमजन को सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में जागरूक रहना चाहिए।
बरईकला पंचायत के पंचायत समिति सदस्य दिलीप महतो ने कहा कि पंचायत और गांवों में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी आम जनों तक पहुंचना जरूरी है। सूचना का अधिकार कानून सरकारी कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को इस कानून की जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है। आरटीआई कार्यकर्ता शेखर शरदेंदु ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून का लाभ लेने के लिए आवेदन की प्रक्रिया को सही तरीके से समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आवेदन में मांगी जाने वाली सूचना स्पष्ट रूप से लिखनी चाहिए। निर्धारित समय में सूचना नहीं मिलने पर नियमानुसार अपील की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। रमेश चंचल ने कहा कि आरटीआई आवेदन स्पष्ट, संक्षिप्त और तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। आवेदक को संबंधित विषय की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत मांगनी चाहिए।
कहा कि सूचना नहीं मिलने की स्थिति में कानून में अपील का प्रावधान है। इन प्रक्रियाओं की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे अधिकारों का सही तरीके से उपयोग की जा सके। प्रवीन कुमार ने कहा कि सूचना का अधिकार सरकारी व्यवस्था से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। जागरूक जन ही अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति को समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर आरटीआई की जानकारी देना पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास गोस्वामी ने कहा कि किसी भी कानून का लाभ उठाने के लिए उसके प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है। सूचना का अधिकार कानून सरकारी कामकाज से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है।
किसुन कपरदार ने कहा कि गांवों में चल रही सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सबको मिलनी चाहिए। सूचना का अधिकार इस दिशा में उपयोगी माध्यम है। गोलक नाथ ठाकुर ने कहा कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता महत्वपूर्ण है। आरटीआई कानून सार्वजनिक हित से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होने से सभी को अपने अधिकारों की जानकारी मिलेगी। रविशंकर प्रजापति ने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बजरंगी प्रजापति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना का अधिकार अधिनियम की जानकारी देना जरूरी है।
इसके माध्यम से सरकारी कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया समझ सकते हैं। रूपेश महतो ने कहा कि आरटीआई कानून आम रहिवासियों को सरकारी कामकाज से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। मिथिलेश महतो ने कहा कि पंचायत स्तर पर सूचनाधिकार पाठशाला जैसे कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से होना चाहिए। इससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी मिलेगी।
सनातन महतो ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में सवाल पूछने और जानकारी प्राप्त करने का अवसर देता है। पंकज कपरदार ने कहा कि आरटीआई आवेदन लिखने से लेकर सूचना प्राप्त करने तक की प्रक्रिया को समझना जरूरी है। एनामुल अंसारी ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून सभी के लिए उपयोगी है। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आरटीआई कार्यकर्ताओं ने आवेदन का प्रारूप तैयार करने, संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी के पास आवेदन जमा करने, निर्धारित अवधि में सूचना नहीं मिलने पर प्रथम अपील तथा आगे द्वितीय अपील करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि आरटीआई का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और आम रहिवासियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से पहुंचे गणमान्य जनों ने सूचना का अधिकार अधिनियम से संबंधित जानकारी प्राप्त की। आयोजकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के महत्व पर जोर दिया।
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