एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब दुकानदारों को उजाड़ना बंद करे रांची नगर निगम। डोरण्डा मे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद द्वारा 30 वर्ष पूर्व 6 जनवरी 1994 को शिलान्यास किए गये जनता बाजार का निर्माण करे।
झारखंड की राजधानी रांची के डोरण्डा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के नाम पर रांची नगर निगम द्वारा दुकानों को तोड़े जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने उक्त बाते कही।
नायक ने कहा कि गरीब दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों की रोजी-रोटी छीनना किसी भी संवेदनशील और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्षों से छोटी-छोटी दुकानें लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले गरीब दुकानदारों के सामने अचानक बुलडोजर चलाकर उनकी आजीविका समाप्त कर देना समस्या का समाधान नहीं है। नगर निगम को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले यह देखना चाहिए कि इन दुकानदारों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की क्या व्यवस्था की गई है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि गरीबों के पेट पर अतिक्रमण नहीं किया जाना चाहिए। यदि सड़क, नाली अथवा सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना आवश्यक है तो प्रशासन को मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि डोरण्डा में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद द्वारा 6 जनवरी 1994 को जनता बाजार का शिलान्यास किया गया था। उसे अमली जामा पहनाते हुए नगर निगम व्यवस्थित और सुविधायुक्त जनता बाजार का निर्माण कराये, जहां छोटे दुकानदारों, फुटपाथ व्यवसायियों और गरीब परिवारों को सम्मानजनक तरीके से दुकानें उपलब्ध कराई जा सकें।
इससे एक ओर क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान होगा, वहीं दूसरी ओर हजारों फुटपाथी की आजीविका भी सुरक्षित रह सकेगी। कांग्रेस प्रवक्ता नायक ने कहा कि यह आक्रोश का विषय है कि 30 वर्ष के बाद भी जनता बाजार का निर्माण न होना समझ से परे है। नगर निगम को केवल बुलडोजर चलाने और गरीबों की दुकानें तोड़ने की नीति से बाहर निकलकर पुनर्वास, रोजगार और व्यवस्थित बाजार निर्माण की नीति अपनानी चाहिए। कहा कि शहर का विकास गरीबों को उजाड़कर नहीं, बल्कि उन्हें साथ लेकर किया जाना चाहिए। उन्होंने रांची नगर निगम से मांग की कि डोरण्डा में की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाए, प्रभावित दुकानदारों को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तथा डोरण्डा में जनता बाजार निर्माण की ठोस योजना बनाकर उसे शीघ्र लागू किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गरीब और छोटे दुकानदारों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन को विकास के नाम पर गरीबों की आजीविका छीनने के बजाय गरीबों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करनी चाहिए।
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