स्वतंत्रता आंदोलन में जनजागरण का सशक्त माध्यम था यंग इंडिया-सुरेंद्र प्रसाद सिंह
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर नगर के टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल में 8 अक्टूबर को जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में महात्मा गांधी द्वारा प्रारंभ साप्ताहिक पत्र यंग इंडिया के प्रकाशन दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। समारोह की अध्यक्षता सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ शशि भूषण कुमार ने किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गृह मंत्रालय इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यंग इंडिया स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनजागरण का महत्वपूर्ण माध्यम था। इसके जरिए गांधीजी ने स्वतंत्रता, अहिंसा, सत्य और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचार जन-जन तक पहुंचाए। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित इस साप्ताहिक का प्रकाशन 8 अक्टूबर 1919 को शुरू हुआ था, जो 1931 तक जारी रहा और इसने देश में राजनीतिक, सामाजिक व बौद्धिक चेतना जगाने में अहम भूमिका निभाई।
सम्मेलन के अध्यक्ष टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल के निदेशक एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ शशि भूषण कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी महान स्वतंत्रता सेनानी के साथ-साथ प्रभावशाली पत्रकार, लेखक और विचारक भी थे। उन्होंने यंग इंडिया के माध्यम से देशवासियों में अधिकार, आत्मसम्मान और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत किया। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज में बौद्धिक जागृति और जनचेतना पैदा करना था। आज भी उनके विचार विश्व के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
विद्यालय की प्राचार्या कुमारी पिंकी ने गांधीजी की पत्रकारिता और जनजागरण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि गांधीजी ने पत्रकारिता को सामाजिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया। इस अवसर पर साहित्य सम्मेलन के पदाधिकारी, विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिका, विद्यार्थी एवं गणमान्य उपस्थित थे। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम और जनसेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
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