एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सड़कें किसी भी गाँव और देश की तरक्की की जीवन रेखा होती हैं। लेकिन झारखंड की राजधानी रांची से सटे रांची-टाटा मार्ग पर तमाड़ विधानसभा क्षेत्र के मझिलडीह गाँव की जर्जर और बदहाल सड़कें आज जीवन रेखा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गया है। यह वर्तमान झारखंड सरकार के विकास के दावों पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। उक्त बाते पांच परगना फाइटर्स के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने 16 सितंबर को कही।
महतो के अनुसार एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और चाँद पर पहुँचने की बातें कर रहा है, तो दूसरी तरफ आजादी के इतने दशकों बाद भी उनके गाँव के रहिवसड़ी एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। यह सिर्फ मिट्टी का रास्ता नहीं, बल्कि गड्ढों, कीचड़ और परेशानियों का ऐसा सिलसिला है, जिसने पूरे गाँव को विकास की दौड़ में काफी पीछे धकेल दिया है।
उन्होंने कहा कि मझिलडीह गाँव की बदहाल सड़कें ग्रामीणों के सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। पहला स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट। कहा कि जब गाँव में कोई बीमार पड़ता है या किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होती है, तो खराब रास्तों के कारण एम्बुलेंस की पहुँच मुश्किल हो जाती है।मरीजों को अस्पताल ले जाने में देरी और परेशानी का सामना करना पड़ता है। सवाल है कि क्या ग्रामीणों को भी सुरक्षित और समय पर स्वास्थ्य सेवा पाने का अधिकार नहीं है? दूसरा बच्चों की शिक्षा में बाधा। कहा कि यहां के बच्चे सुबह साफ-सुथरे कपड़े पहनकर स्कूल जाते है।

बच्चों के सामने कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़कें बड़ी परेशानी बन जाती हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, उनकी किताबें और कपड़े खराब हो जाते हैं। क्या ऐसी परिस्थितियों में वे बिना चिंता के पढ़ाई कर पायेंगे। तीसरा और अहम सवाल किसानों को आर्थिक नुकसान। कहा कि यहां के किसान भाई दिन-रात मेहनत कर फसल उगाते हैं, लेकिन जब फसल को बाजार तक पहुँचाने की बारी आती है, तो खराब सड़कों के कारण वाहन मिलने में परेशानी होती है। कई बार अधिक किराया देना पड़ता है, जिससे किसानों की लागत बढ़ती है और मुनाफा प्रभावित होता है।
पांच परगना फाइटर्स केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सीधा सवाल करते हुए कहा कि मझिलडीह गाँव के ग्रामीणों को आखिर कब मिलेगी एक पक्की और सुगम सड़क? क्या सड़क निर्माण सिर्फ चुनावी वादों तक सीमित रहेगा या धरातल पर भी काम होगा? कहा कि गाँव का विकास सिर्फ भाषणों और कागजों पर नहीं, बल्कि अच्छी सड़क, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों के सुरक्षित भविष्य से सुनिश्चित होता है। मझिलडीह गाँव को चाहिए पक्की सड़क, सिर्फ आश्वासन नहीं।
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