एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में जेपीएससी एवं जेएसएससी मामले को लेकर भाजपा का उपवास सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली वाली कहावत को चरितार्थ करता है। पहले अपने शासनकाल की भर्ती विवादों पर जवाब दे भाजपा। उक्त बाते झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने 31 जुलाई को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।
जारी विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि जेपीएससी के मुद्दे पर भाजपा नेताओं द्वारा संसद परिसर में किया गया उपवास सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली वाली कहावत को चरितार्थ करता है। उन्होंने कहा कि जो दल आज युवाओं के भविष्य की चिंता का दावा कर रहा है, उसे पहले अपने शासन काल के दौरान जेपीएससी एवं जेएसएससी भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े सार्वजनिक विवादों पर भी जवाब देना चाहिए।
नायक ने कहा कि झारखंड गठन के बाद भर्ती परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर कई विवाद सामने आए और इनमें से अनेक विवाद भाजपा सरकारों के कार्यकाल में भी सार्वजनिक बहस, न्यायालयी कार्यवाही और जांच का विषय बने। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी सरकार (वर्ष 2000 से 2003 तक) के दौरान आयोजित प्रथम संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (2001-02) की चयन प्रक्रिया और मेरिट सूची को लेकर गंभीर विवाद उठे तथा मामला उच्च न्यायालय तक पहुँचा।
अर्जुन मुंडा सरकार (वर्ष 2003 से 2005 तक) के दौरान आयोजित द्वितीय जेपीएससी परीक्षा की चयन प्रक्रिया को भी अनेक अभ्यर्थियों ने न्यायालय में चुनौती दी। पुनः अर्जुन मुंडा सरकार (वर्ष 2010 से 2013 तक) के कार्यकाल में 6ठवीं से 8वीं जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर गंभीर विवाद हुए। इन मामलों की सीबीआई जांच हुई तथा तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष डॉ दिलीप प्रसाद सहित कई के विरुद्ध जांच और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हुई। कहा कि रघुवर दास सरकार (वर्ष 2014 से 2019 तक) के दौरान भी जेपीएससी एवं जेएसएससी की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में उत्तर कुंजी, मेरिट सूची, आरक्षण तथा चयन प्रक्रिया को लेकर अनेक याचिकाएँ न्यायालय में दायर हुईं और न्यायिक हस्तक्षेप हुआ।
नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि किसी भी सरकार के कार्यकाल में यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इसी सिद्धांत के अनुरूप वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार ने भी कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के मामलों में जांच एजेंसियों को सक्रिय किया है तथा कानून के अनुसार कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को वर्तमान सरकार पर सवाल उठाने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसे अपने शासनकाल के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठे सार्वजनिक विवादों पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही एकतरफा नहीं हो सकती।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नायक ने कहा कि झारखंड के युवाओं को राजनीतिक नौटंकी नहीं, बल्कि नियमित परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी चयन प्रक्रिया, समयबद्ध नियुक्ति और निष्पक्ष जांच व्यवस्था चाहिए। कांग्रेस पार्टी हर उस कदम का समर्थन करेगी जो भर्ती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और जवाबदेह बनाए। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक दल के प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनना चाहिए। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही ही झारखंड के युवाओं के साथ वास्तविक न्याय है।
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