अभिभावक और मार्गदर्शक थे दिवंगत अवधेश बाबू-विधायक अनूप सिंह
अवधेश सिंह के निधन से कोयला सेक्टर को बड़ी क्षति-रविंद्र पांडेय
लंबे समय से मजदूरों के अधिकारों व् हितों के लिए सक्रिय रहे अवधेश बाबू-वरुण सिंह
प्रहरी संवाददाता/बेरमो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल के स्वांग रहिवासी सह अनुभवी ट्रेड यूनियन नेता अवधेश सिंह का 27 जून को रांची से वापसी के क्रम में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। उनके निधन से बेरमो में शोक की लहर दौड़ गयी। श्रमिक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य जनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक कर्मठ, समर्पित और जनप्रिय नेता बताते हुए उनकी सेवाओं को याद किया। वे आरसीएमयू के कार्यकारी अध्यक्ष पद पर भी थे। ट्रेड यूनियन राजनीति की गहरी समझ वाले नेता थे। कोल वर्कर जब कभी संकट में हुए तो उन्हें तारणहार के रूप में सीधे अवधेश सिंह का चेहरा ही नजर आता था। स्वभाव उनका सरल था। उनकी उपस्थिति हर किसी के लिए सहज थी। सेवा की आवाज सुनी तो दौड़े हुए चले गए। आज भी वर्करों की सेवा कार्य को लेकर वे रांची गए थे। अपने सरल व्यक्तित्व, संगठनात्मक क्षमता और श्रमिकों के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने मजदूरों के बीच एक विशेष पहचान बनाई थी। उनके नेतृत्व और संघर्ष ने अनेक श्रमिकों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेरमो विधायक अनूप सिंह ने कहा कि अवधेश सिंह हमारे अभिभावक और मार्गदर्शक थे। गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि उनका निधन श्रमिक संगठन और मजदूर वर्ग के लिए अपूरणीय क्षति है। राकोमसं नेता वरुण कुमार सिंह ने कहा कि अवधेश बाबू लंबे समय से मजदूरों के अधिकारों और उनके हितों के लिए सक्रिय रूप से संघर्षरत रहे।
कोल माइंस वर्कर्स यूनियन नेता बालगोविंद मंडल ने कहा कि इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कार्यकारणी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह के निधन से वे काफी आहत हैं। वे मजदूरों के सच्चे सिपाही थे। उनके पास किसी भी यूनियन के कार्यकर्ता जाते थे तो वे कार्य करने से इनकार नहीं करते थे। उन्हें श्रद्धांजलि के साथ लाल सलाम।
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