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घाटकुरी में मागे पर्व पर रातभर झूमे ग्रामीण, ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक नृत्य

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में सारंडा क्षेत्र के गंगदा पंचायत अंतर्गत घाटकुरी गांव में 2 मई को मागे पर्व धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर हो आदिवासी समाज के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने एक रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनकर रात भर ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया। मागे पर्व के अवसर पर गांव के दिउरी शिबू चाम्पिया ने लाल मुर्गा और काली मुर्गियों की बलि देकर गांव की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए उत्सव मनाया। पूरे गांव में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। देर रात तक रहिवासी पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य में शामिल होकर पर्व की खुशियां मनाते रहे। इस मौके पर सारंडा पीढ़ मानकी सुरेश चाम्पिया, कांडे चाम्पिया, उगेरम चाम्पिया, रमेश चाम्पिया, रोटू चाम्पिया, गोमाई चाम्पिया सहित अन्य ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।

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