क्षेत्र में सामान्य दिन की तरह कोयले का उत्पादन व् डिस्पैच-प्रभारी जीएम ढोरी क्षेत्र
ढ़ोरी क्षेत्र में नए श्रम कानून के विरोध में हड़ताल को मजदूरो ने नकारा
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। नए श्रम कानूनों के खिलाफ झारखंड में केंद्रीय मजदूर यूनियनों की हड़ताल का व्यापक असर दिख रहा है। झारखंड के धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर औद्योगिक नगरी में कोलियरी, औद्योगिक इकाइयां और बैंक बंद रहा। उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग ठप रहा। बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल में सीसीएल के विभिन्न परियोजनाओं में कामगार काम पर नहीं पहुंचे। बोकारो थर्मल में नए श्रम कानून के विरोध में सीसीएल के स्वांग-गोविंदपुर परियोजना फेज टू में ट्रेड यूनियनों के हड़ताल का व्यापक असर रहा। कामगार अपने काम पर नहीं आए।
जानकारी के अनुसार देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल से बोकारो के बैंकों में ताला लटके रहे। सीसीएल बीएंड mके एरिया के खासमहल -कोनार परियोजना तथा बोकारो कोलियरी में हड़ताल का असर दिखा। कोयला उत्पादन व् संप्रेषण प्रभावित रहा। ट्रांसपोर्टिंग पूरी तरह ठप रहा। लगभग 60 प्रतिशत मजदूर कार्यस्थल पर नहीं पहुंचे।
सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी, कथारा वाशरी एवं जारंगडीह में उत्पादन बुरी तरह ठप रहा। कोलियरी की सभी मशीनें खड़ी रही। ट्रांसपोर्टिंग ठप रहा। इस तरह पूरे कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी में प्रथम पाली में मेन पावर 84 में 23, सामान्य पाली में 165 में 41, कथारा कोलियरी बेस वर्कशॉप में मेन पावर 59 में 2 उपस्थिति रहा। कुल मेन पावर 308 में 66 उपस्थित हुए। कथारा वाशरी में प्रथम पाली में मेन पावर 80 में 26, सामान्य पाली में मेन पावर 228 में 59, कुल 308 में 109 कामगार उपस्थित रहे।
स्वांग कोलियरी में प्रथम पाली में मेन पावर 110 में 41, सामान्य पाली में मेन पवार 275 में 32, कुल 385 में 73 उपस्थित हुए। गोविंदपुर यूजी में प्रथम पाली में मेन पावर 104 में 75 उपस्थित रहे। आर आर शॉप जारंगडीह में मेन पावर 68 में 22 उपस्थित रहे।
ढ़ोरी में नए श्रम कानून के विरोध में हड़ताल को मजदूरों ने नकारा
सीसीएल ढोरी क्षेत्र के प्रभारी महाप्रबंधक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र के सभी कोलियरी में सामान्य दिन की तरह उत्पादन और डिस्पैच हुआ है। जानकारी के अनुसार कोयला नगरी धनबाद में नये श्रम कानून के खिलाफ केन्द्रीय मजदूर यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल 12 फरवरी की सुबह से ही कोलियरी इलाकों में देखने को मिला। कोलियरी कार्यालय, कोलियरी, खदान, जहां से कोयला उत्पादन किया जाता हैं, उन इलाकों को चार श्रमिक कानून के विरोध में सुबह से ही संयुक्त मोर्चा के नेता कोलियरी परिसर के एरिया वन के शताब्दी हाजिरी घर के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
शताब्दी कोलियरी में उत्पादन तथा डिस्पैच को रोक दिया गया। संयुक्त मोर्चा के ट्रेड यूनियन ने चार श्रम कानून को जन विरोधी बताया और एक दिवसीय हड़ताल पर चला गया है। संयुक्त मोर्चा के यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि चार श्रमिक कानून जो कि मजदूरों के अधिकार पर सीधा हमला है। कहा गया कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए 4 श्रम कानून मजदूर विरोधी, गरीब विरोधी तथा संविधान विरोधी है। आज एक दिवसीय हड़ताल है। अगर यह मांगे पूरी नहीं हुई तो आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा। हालांकि, संयुक्त मोर्चा ने कहा कि भाजपा सरकार श्रमिकों को गुलाम बनाने वाला कानून लागू किया है। कानून के माध्यम से ट्रेड यूनियन को कमजोर किया जा रहा है। बीसीसीएल के सभी एरिया में प्रथम पाली में इसका असर देखा गया, हालांकि देशव्यापी हड़ताल में भारतीय मजदूर संघ शामिल नहीं है।
मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने नये श्रम कानून को मजदूर विरोधी बताया है। मशाल जुलूस में विभिन्न श्रमिक संगठनों के सदस्य, कर्मी, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, स्कीम वर्कर, किसान और खेत मजदूर भी शामिल हुए। इसमें मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रम कानून में काम के घंटे 12 तक बढ़ाने का रास्ता खोला गया है। हड़ताल के अधिकार पर पाबंदी लगायी जा रही है। पक्की नौकरी की व्यवस्था समाप्त की जा रही है। ठेका, अस्थायी एवं फिक्स टर्म रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूनियन बनाने और उसको मान्यता प्राप्त करने में बाधाएं खड़ी की जा रही है। सामाजिक सुरक्षा को कमजोर किया जा रहा है। इएसआइ और पीएफ की कोई ठोस गारंटी नहीं है। मजदूरी की छंटनी और तालाबंदी को आसान बनाया जा रहा है। न्यूनतम वेतन, बोनस और ग्रेच्युटी पर हमला किया जा रहा है।
वक्ताओं ने बताया कि नये श्रम कानून लागू होने से 70 प्रतिशत फैक्ट्री मजदूर तथा 90 प्रतिशत असंगठित मजदूर प्रभावी श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जायेंगे। संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच रांची (झारखंड) के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल में बैंकों के कर्मचारी यूनियन ने भी समर्थन दी।
हालांकि, इस दिन बैंकों के ब्रांच खुलें, लेकिन निचले क्रम के बैंक कर्मचारियों के काम नहीं करने से हड़ताल का नियमित बैंकिंग सेवा पर असर पड़ा। ऑफिशियली बैंक हॉलि डे की घोषणा नहीं की गयी। यूनियन बैंक एंप्लॉय संगठन झारखंड के महामंत्री दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि बैंक यूनियनें लंबे समय से पेंडिंग मांगों को पूरा करने की मांग कर रही हैं। बैंक एंप्लॉय फेडरेशन झारखंड के महासचिव एम एल सिंह ने कहा कि हड़ताल का मुख्य कारण नवंबर 2025 में नोटिफाई किये गये चार नये लेबर कोड हैं, जो मौजूदा 29 लेबर कानूनों की जगह लेंगे।
मौके पर श्रमिक नेता बरूण सिंह, आर उनेश, जितेंद्र दूबे, भीम महतो, जयराम सिंह, प्रमोद सिंह, सुबोध सिंह पवार, सुजीत कुमार घोष, भागीरथ शर्मा, विकास कुमार सिंह, विजय भोई, मनोज पासवान, अहमद हुसैन, गणेश प्रसाद महतो, श्याम नारायण सतनामी, सुनील कुमार शर्मा सहित काफी संख्या में श्रमिक मौजूद थे।
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