चार श्रम कोड व् जीरामजी खत्म कर मनरेगा को पुनर्बहाल करे सरकार-मजदूर संगठन
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने, चार श्रम कोड, मनरेगा में बदलाव, बिजली एवं बीज विधेयक 2025 वापस लेने, फसलों पर एमएसपी लागू करने आदि मांगों को लेकर 12 फरवरी को आहूत राष्ट्रीय आम हड़ताल पर संयुक्त श्रमिक संगठन, किसान तथा असंगठित मजदूर संगठनों द्वारा पुरे देश में हड़ताल का आयोजन किया गया। इस क्रम में समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर प्रखंड के गांधी चौक से जुलूस निकालकर बाजार भ्रमण करते हुए ताजपुर प्रखंड मुख्यालय चौक पर जोरदार प्रदर्शन-सभा किया गया।
भाकपा माले, भाकपा, एसयूसीआई से जुड़े संयुक्त श्रमिक-किसान-मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी आम हड़ताल पर बाजार क्षेत्र के गांधी चौक से अपने-अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लेकर विशाल जुलूस निकाला। नारा लगाते जुलूस बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर प्रखंड मुख्यालय के राजधानी चौक पहुंचा जहां केंद्र एवं राज्य सरकार के किसान-मजदूर विरोधी रवैया से आक्रोशित कार्यकर्ता जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता सड़क किनारे धरना पर बैठ गये।
मौके पर सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्षता भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, भाकपा अंचल सचिव रामप्रीत पासवान एवं एसयूसीआई के जिला संयोजक चंद्रशेखर राय ने संयुक्त रूप से किया। सभा का संचालन भाकपा के रामबृक्ष राय, किसान महासभा के ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह एवं खेग्रामस के प्रभात रंजन गुप्ता ने की।
सभा को भाकपा के रामबृक्ष राय, मो. अलाउद्दीन, मनोज राय, राजेश कुमार, गीता देवी, नगीना राम, एसयूसीआई के पलटन साह, लाल बाबू राय, उपेंद्र राय, फूलो राय, रौशन कुमार, परमेश्वर राय, लाल बहादुर राय, रामेश्वर राय, मो. फूल हसन, भाकपा माले के आसिफ होदा, शंकर महतो, मो. एजाज, राजदेव प्रसाद सिंह, मुंशीलाल राय, मुकेश कुमार गुप्ता, मो. एजाज, मो. गुलाब, मोतीलाल सिंह, महावीर सिंह, मो. अबु बकर, अरविंद कुमार, संजय कुमार सिंह, शत्रुघन सिंह, बिहार राज्य आशा संघ के सविता सिंह, रंजू कुमारी, शोभा कुमारी, गीता देवी, मंजू देवी, अनीता कुमारी, सविता कुमारी, विंदू कुमारी, बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के शिव कुमारी देवी, गिरजा देवी आदि ने सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि ओपीएस को बहाल करने, निजीकरण पर रोक लगाने, श्रमिकों के योजनाओं में धांधली बंद करने, दैनिक मजदूरी 7 सौ रूपए करने, तिरहुत नहर परियोजना में अधिग्रहित जमीन एवं मकान का वर्तमान सर्किल रेट का चार गुणा मुआवजा देने, आशा-रसोईया, सेविका-सहायिका, आपदा मित्रों आदि को राज्य कर्मचारी घोषित करने एवं मानदेय 21 हजार रुपए करने की मांग आम हड़ताल में शामिल है।
भाकपा के रामप्रीत पासवान ने कहा कि काम के 8 घंटे को बढ़ाकर 12 घंटे करने वाला एवं यूनियन बनाने का अधिकार खत्म करने वाला मजदूर विरोधी चार श्रम कोड नहीं चलेगा। एसयूसीआई के चंद्रशेखर राय ने आम हड़ताल पर निकाले गये जुलूस एवं हड़ताल को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने पर ताजपुर वासियों के प्रति साधुवाद ज्ञापित करते हुए हड़ताल को ऐतिहासिक रुप से सफल बताया।
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