एस. पी. सक्सेना/मुजफ्फरपुर (बिहार)। लीचीपुरम संस्कृति एवं संस्कारों के अनुरूप विभिन्न विद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं में 12 फरवरी को पाश्चात्य संस्कृति पर्व आलिंगन दिवस (हग डे) को प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्ध जन एवं स्कूली छात्रों ने आधुनिक स्वरूप से हटकर सनातन सांस्कृतिक दृष्टिकोण को अपनाते हुए वृक्षों का आलिंगन कर धरती और जीवन के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया।
लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् सुरेश गुप्ता के अनुसार लीचीपुरम सांस्कृतिक पुनर्जागरण अभियान का स्पष्ट संदेश है कि सभी धर्मों, संस्कृतियों और परंपराओं का सम्मान करते हुए अपनी सनातन जड़ों, संस्कारों और सांस्कृतिक पहचान को सदैव जीवित रखा जाए। अभियान के अंतर्गत यह भी कहा गया कि प्रकृति से जुड़ाव ही सच्चा आलिंगन है और यही लीचीपुरम संस्कृति की मूल भावना है।

संस्थापक अध्यक्ष एवं पर्यावरणविद् गुप्ता के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर के नेशनल पब्लिक स्कूल बैरिया, किड्स वैली स्कूल अयाची ग्राम बैरिया, सरकारी विद्यालय, जिला के हद में नि:शुल्क अभिनव प्रवाह विद्यालय कन्हौली सहित कई संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजित कार्यक्रम में नेशनल पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं भूतपूर्व डीआईजी सुकन पासवान, किड्स वैली स्कूल की निदेशक अर्चना सिंह, प्रधानाचार्य रंजना झा, डॉ अमित कुमार, लोक कलाकार सुनील कुमार, गौरव राज, स्नेहा सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वृक्षों का आलिंगन कर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
आयोजित अभियान के माध्यम से लीचीपुरम (मुजफ्फरपुर) वासियों से विशेष रूप से लीची के पौधों सहित सभी पेड़-पौधों से प्रेम करने, उन्हें संरक्षित करने और मीठा मुस्कुराने का संदेश समाज तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।
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