एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। राज्य के अपर मुख्य सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग वंदना दादेल तथा महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) झारखंड तदाशा मिश्र की संयुक्त अध्यक्षता में कांफ्रेंस के मद्देनजर डिब्रीफिंग हेतु 11 फरवरी को राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की गई।
जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय सभागार में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल एवं डीजीपी तदाशा मिश्र द्वारा संयुक्त रूप से राज्य स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक के क्रम में अपर मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा संयुक्त रूप से समीक्षा करते हुए राज्य के सभी जिला के पुलिस अधीक्षक को सभी बिन्दुओं पर थाना स्तर पर अनुपालन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा बैठक में कहा गया कि नये अपराधिक कानून (न्याय संहिता) का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाय। सभी पुलिस अधीक्षक, बीट पुलिसिंग एवं सामुदायिक सहभागिता पर बल देना सुनिश्चित करेंगे। सभी क्षेत्रीय, जिला एवं थाना स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाए, ताकि नवीनतम परिणाम प्राप्त हो सके। कहा गया कि सभी पुलिस अधीक्षक गिरफ्तारी केंद्रित पुलिसिंग के बजाय दोषसिद्धि-उन्मुख जांच पर ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें।
नक्सल प्रभावित जिलों में कल्याण, युवा सहभागिता, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें। कहा गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यमों से पुलिस के अच्छे कार्यों का अनिवार्य रूप से प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। खुफिया जानकारी जुटाने और जांच के लिए एनएटीजीआरआईडी, एनएएफआईएस, सीसीटीएनएस, ई-कोर्ट और एआई- इनाब्लेड एनालिटिक्स का प्रभावी उपयोग करना सुनिश्चित करें।
समीक्षा बैठक में कहा गया कि बीट पुलिसिंग/सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी रूप से मजबूत करते हुए ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करें। मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर आम जनता को जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें।
भारत सरकार द्वारा निर्दिष्ट आई- गोट पोर्टल पर सभी अनुसंधानकर्ता के प्रशिक्षण की प्रगति का आकलन करते हुए प्रशिक्षण प्राप्त करना सुनिश्चित करें। टूरिस्ट पॉलिसी के तहत पर्यटक एवं पुलिस के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। सभी अनुसंधानकर्ता ई-साक्ष्य ऐप का शत प्रतिशत अनुपालन करना सुनिश्चित करें। राज्य में अफीम की खेती को लेकर एंटी ड्रग स्ट्रेटेजी का रूपरेखा तैयार कर आम जनता को अफीम के दुष्प्रभाव को लेकर व्यापक रूप से जागरूक करने हेतु अभियान चलाया जाय। पोक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज कांडों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की जाये।
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कांडों के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति। उग्रवादियों के आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति का शत प्रतिशत क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति। महिला सुरक्षा से संबंधित सभी प्रकार के अपराध के मद्देनजर सभी प्रकार का वांछित कार्रवाई सुनिश्चित किया जाय।
बैठक में अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल व् डीजीपी तदाशा मिश्र सहित अपर पुलिस महानिदेशक अभियान टी. कंडासामी, पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार क्रांति कुमार गड़िदेशी, निदेशक झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग अखिलेश कुमार झा, पुलिस महानिरीक्षक विशेष शाखा प्रभात कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अप. अनु. वि. असीम विक्रांत मिंज, पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण ए. विजयालक्ष्मी, पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय सुदर्शन मंडल, पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ अनुप बिरथरे, पुलिस महानिरीक्षक प्रोविजन पटेल मयूर कनैयालाल, पुलिस महानिरीक्षक, अप. अनु. वि. अजय कुमार लिंडा, पुलिस उप-महानिरीक्षक एसटीएफ, जगुआर इंद्रजीत महथा, पुलिस उप-महानिरीक्षक एससीआरबी वाई.एस. रमेश, झारखण्ड, श्री एस० कार्तिक, पुलिस उप-महानिरीक्षक झा.स.पु. संजीव कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक एसआईवी सुरेन्द्र कुमार झा, पुलिस उप-महानिरीक्षक कार्मिक चौथे मनोज रतन, पुलिस उप-महानिरीक्षक एसआईबी संध्यारानी मेहता, पुलिस उप-महानिरीक्षक बजट चंदन कुमार झा. पुलिस उप महानिरीक्षक अप.अनु.वि. अरविंद कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, राँची नाथु सिंह मीणा, पुलिस अधीक्षक एसआईबी भौतिक रूप से एवं वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक/वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (जेएपीटीसी पदमा सहित) उपस्थित थे।
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