बड़े भाई के नाम मिले मुआवजा राशि पर मंझले भाई ने की थी आपत्ति
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में बरलंगा से कसमार भाया नेमरा पथ चौड़ीकरण-मजबुतिकरण परियोजना में कसमार अंचल के खुदीबेड़ा मौजा में अधिग्रहित जिप उपाध्यक्ष बबीता देवी के भूमि व सरंचना के बदले मिले मुआवजा राशि विवाद मामले में 18 जुलाई को बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ व कसमार सीओ प्रवीण कुमार खुदीबेड़ा पंहुचे। जहां विवादित स्थल जिप उपाध्यक्ष के घर में उन्होंने बैठक की।
बताया जाता है कि बड़े भाई राजेश्वर महतो, मंझले भाई दुर्योधन महतो की धर्मपत्नी सह बोकारो ज़िप सदस्य बबीता देवी व छोटे भाई बंसत महतो के साथ भू अधिग्रहण राशि भुगतान विवाद मामले की जानकारी ली। इस अवसर पर ज़िला परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि भूमि व सरंचना तीनों भाइयों का संयुक्त हिस्सा है, लेकिन सिर्फ बड़े भाई राजेश्वर महतो के नाम पंचाट नोटिस में क्यों आया और मुआवजा राशि क्यों मिला? इधर बड़े भाई का कहना है कि जमीन गैरमजरूवा खास किस्म का है, जिसके कारण जमीन का मुआवजा नहीं मिला। वहीं चहारदीवारी उनके द्वारा बनाया गया है, जिसका मुआवजा सिर्फ ₹1 लाख 5 हजार मिला है। कहा कि चुंकि संरचना हमारे द्वारा बनाया गया है, इसलिए मुआवजा मंझोले व छोटे भाई को वे कैसे देंगे।

बैठक के अंत में निर्णय हुआ कि चहारदीवारी संरचना के बदले मिली राशि 1 लाख 5 हजार रूपये भुअर्जन को वापस किया जायेगा और एक सप्ताह के अंदर संरचना हटा देंगे।
मौके पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी राजीव रंजन, कसमार थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कुंदन कुमार, अंचल निरीक्षक (सीआई) सहदेव दास, हलका कर्मचारी जमील अहमद अंसारी, भू-अर्जन कार्यालय कर्मी शरत महतो, गंगा कंस्ट्रक्शन के पदाधिकारी नरेंद्र पांडेय समेत जैप 4 के जवान मौजूद थे।
बता दें कि पिछले सप्ताह अतिक्रमण मुक्त अभियान में चहारदीवारी हटाने गयी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के टीम को जिप उपाध्यक्ष के देवर बसंत महतो ने रोक कर विरोध जताया था। दंडाधिकारी टीम के साथ नोंक-झोंक करते हुए जेसीबी मशीन पर हिंसक रूप से पत्थरबाजी की गयी थी। जिसको लेकर कसमार थाना में प्रशासन द्वारा मामला भी दर्ज कराया गया है।
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