देश को कोयले की आवश्यकता, अधिक उत्पादन कर ऊर्जा जरूरतें पूरी करें-राजीव
एन. के. सिंह/बेरमो (बोकारो)। देश की महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड का 52वां स्थापना दिवस एक नवंबर को बोकारो जिला के हद में सीसीएल के ढोरी एरिया में हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन क्षेत्र के सहायक प्रबंधक मानव संसाधन अभिषेक सिन्हा ने किया।
समारोह की शुरुआत ढोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम) राजीव कुमार सिंह द्वारा जीएम कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण के साथ किया गया। इसके पश्चात कोल इंडिया का कॉरपोरेट गीत गाया गया और सभी कामगारों के बीच मिठाइयां बांटी गईं।
स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए जीएम राजीव कुमार सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व और हर्ष का विषय है कि कोल इंडिया ने अपनी स्थापना के 52 वर्ष पूरे कर लिए हैं। कहा कि देश के विकास और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोल इंडिया लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बताया कि वर्ष 1951 की पंचवर्षीय योजना के दौरान देश में ईंधन की भारी कमी थी। उस समय देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कोयले को सबसे बेहतर विकल्प माना गया। शुरुआती दौर में खदानें विभिन्न प्राइवेट ऑपरेटरों द्वारा चलाई जाती थीं, लेकिन खदानों पर नियंत्रण और व्यवस्थित उत्पादन के लिए भारत सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पहले कोकिंग कोल और फिर नॉन-कोकिंग कोल का राष्ट्रीयकरण किया और 1 नवंबर 1975 को कोल इंडिया की स्थापना हुई।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए जीएम सिंह ने कहा कि आज विदेशों में (इजराइल, ईरान, अमेरिका आदि) जो युद्ध और तनाव की स्थिति बनी हुई है, उसके कारण देश में पेट्रोलियम पदार्थों का अभाव हो रहा है। ऐसे में आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत यह है कि हम ज्यादा से ज्यादा कोयले का उत्पादन और डिस्पैच करें, ताकि थर्मल पावर प्लांटों तक इसे पहुंचाकर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूर्ण किया जा सके।
इस अवसर पर एएडीओसीएम अमलो के परियोजना पदाधिकारी (पीओ) शैलेश प्रसाद, विभागाध्यक्ष ईएंडएम नलिन चंद, विभागाध्यक्ष एलएंडआर डीएस प्रसाद, विभागाध्यक्ष असैनिक माघवेन्द्र वत्स, प्रबंधक मानव संसाधन तौकीर आलम, यूनियन प्रतिनिधि जवाहरलाल यादव, जयनाथ मेहता, विकास सिंह, महेन्द्र चौधरी सहित क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभारी शिलचंद सहित कार्यालय कतमी उज्जवल मुखर्जी, अरुण कुमार, निर्मल नायक आदि गणमान्य एवं कामगार मुख्य रूप से मौजूद थे।
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