एस. पी. सक्सेना/बोकारो। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर पुरे देशभर में जहां पूजा का उल्लास रहा वहीं बोकारो जिला के हद में जगह जगह विभिन्न प्रतिष्ठानों में देवशिल्पी की प्रतिमा स्थापित कर, छोटे बड़े वाहनों, मशीनों आदि की पूजा की गयी। इस अवसर पर कई जगहों पर मेला का भी आयोजन किया गया।
जानकारी के अनुसार विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर जिला के हद में बोकारो इस्पात संयंत्र में कई जगहों पर प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की गयी। इसके अलावा बालिडीह स्थित औद्योगिक प्रतिष्ठानों, चास, चंदनकियारी, भोजुडीह, जैनामोड़, कसमार, पेटरवार, तेनुघाट, ललपनिया, गोमिया, आईएल, स्वांग, बोकारो थर्मल, कथारा, जारंगडीह, जरीडीह बाजार, कुरपनिया, खासमहल, फुसरो, नावाडीह, मकोली, भंडारीदह, चंद्रपुरा, दुग्दा आदि क्षेत्रों में स्थित कोलियरी तथा वाशरी क्षेत्र, वाटर फिल्टर प्लांटो, ट्रांसपोर्ट कंपनी कार्यालय, विद्युत उत्पादन केंद्रों, टेंपो चालक संघो व् निजी वाहन मालिकों द्वारा देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
इस क्रम में जिला के हद में कथारा मोड़ में टेंपो चालक संघ द्वारा देवशिल्पी की प्रतिमा स्थापित कर विधि विधान से पूजा की गयी। मौके पर संघ के सचिव चंदन सिंह, अध्यक्ष अब्दुल रहीम, नवीन सिंह, रमेश सिंह, जितेन रवानी, महेंद्र कुमार, संजय रजक आदि टेंपो चालक उपस्थित थे। वहीं सीसीएल कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप विद्युत विभाग द्वारा प्रतिमा स्थापित कर देवशिल्पी की पूजा की गयी। यहां महेंद्र कुमार विश्वकर्मा, निरंजन विश्वकर्मा, राकेश मिश्रा, अधिकारी प्रीतम कुमार आदि सक्रिय रहे। जबकि महाप्रबंधक एकेबी सिंह सहित कई विभागाध्यक्ष पूजा तथा सामूहिक प्रसाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा क्षेत्र के कथारा वाशरी वन फाइव कार्यालय के समीप, कथारा कोलियरी वर्कशॉप, कोलियरी प्रबंधक कार्यालय के समीप, श्रीकृष्ण चेतना परिषद स्थित फ़िल्टर प्लांट, विद्युत एवं यांत्रिक विभाग, जारंगडीह क्वायरी वर्कशॉप कार्यालय के समीप, पीओ बंगला के समीप फ़िल्टर प्लांट परिसर में भव्य प्रतिमा स्थापित कर विभागीय कर्मी, अधिकारी, श्रद्धालूजनों ने उत्साहपूर्वक पूजा में शामिल होकर देवशिल्पी की पूजा की।
इस अवसर पर श्रीकृष्ण चेतना कथारा मोड़ तथा फ़िल्टर प्लांट जारंगडीह में मेला का आयोजन किया गया था, लेकिन देर संध्या हुई भारी बारिश के कारण मेला में देखते देखते सन्नाटा पसर गया। बारिश के कारण मेला का आनंद उठानेवालों में मायूसी देखी गयी।
![]()













Leave a Reply