रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड आंदोलनकारियों ने 29 सितंबर की संध्या बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के खैराचतर में मशाल जुलूस निकालकर अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। मशाल जुलूस के माध्यम से आंदोलनकारियों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया।
मशाल जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन के लिए लंबे संघर्ष और बलिदान देने वाले आंदोलनकारियों को आज तक उनका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिल पाया है। मशाल जुलूस में शामिल आंदोलनकारियों ने चिन्हित आंदोलनकारियों के लिए जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने, आंदोलनकारियों को ₹25 हजार सम्मान पेंशन देने, उनके बच्चे-बच्चियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने तथा सभी आंदोलनकारियों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर अविलंब सकारात्मक पहल करे, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर आंदोलनकारी विष्णु चरण महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने अपना जीवन, समय और संघर्ष लगाया।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कईयों ने शहादत दी, लेकिन राज्य गठन के लगभग 26 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों को अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के कारण झारखंड अलग राज्य का सपना साकार हुआ, आज उन्हीं की मांगों को लेकर आंदोलन करना पड़ रहा है। सरकार को आंदोलनकारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान करना चाहिए।
महतो ने कहा कि चिन्हित आंदोलनकारियों के लिए जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने के साथ सम्मान पेंशन को बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए। इसके अलावा आंदोलनकारियों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण और सभी आंदोलनकारियों को पक्का मकान देने की मांग भी उन्होंने दोहराई। कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
मशाल जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जगन्नाथ महतो, किंकर महतो, संतोष महतो, आलोक पांडेय, अशोक सिंह, जयनंदन महतो, महावीर महतो, युगलकिशोर महतो, रामबिलास महतो, अनीश जायसवाल, लझमन महतो, फागू महतो, धर्मनाथ महतो, चांद मुख महतो, प्रकाश महतो, हीरालाल स्वर्णकार, प्रफुल्ल महतो, रफीक अंसारी, आनंद साव, आनंद महतो, भूषण महतो सहित अन्य आंदोलनकारी मौजूद थे।
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