एस. पी. सक्सेना/बोकारो। देश की महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के बोकारो सीबीएम एसेट एवं एससी-एसटी उद्यमी विकास संघ के संयुक्त तत्वावधान में बीते 30 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण एवं भव्य वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम (वीडीपी ) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को ओएनजीसी की खरीद एवं कार्य आवंटन प्रक्रियाओं से जोड़ना, उनके व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देना तथा उद्यमिता के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ओएनजीसी बोकारो सीबीएम एसेट के प्रमुख राजीव कुमार सिन्हा ने की। वहीं, एससी-एसटी उद्यमियों का प्रतिनिधित्व संघ के संस्थापक एवं अध्यक्ष तथा जिआडा बोर्ड सदस्य संजय कुमार भारती ने किया।
कार्यक्रम में ओएनजीसी बोकारो सीबीएम एसेट की ओर से मुख्य महाप्रबंधक सह प्रमुख अभियांत्रिकी सेवाएँ मानस कुमार रे, मुख्य महाप्रबंधक- भूतल प्रबंधक बिपिन प्रसाद, मुख्य महाप्रबंधक सह प्रमुख मानव संसाधन दयानन्द कालुण्डिया, महाप्रबंधक आर.बी. सिंह, अरिंदम भट्टाचार्य, जॉयदीप भट्टाचार्य, अमरजीत प्रताप, दयानंद कालुंडिया, सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर पीयूष कुमार, मुख्य प्रबंधक अजय कुमार दास, बिपिन प्रसाद (वर्क्स), मुख्य प्रबंधक निशांत, सपोर्ट मैनेजर अनीता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वहीं संघ की ओर से संघ के अध्यक्ष संजय कुमार भारती, महासचिव रंगलाल राम, शशि भूषण प्रसाद, कन्हैया प्रसाद, शंकर टुड्डू, देवला टुड्डू, अनिल हेम्ब्रम, सुमित मुर्मू, अजय कुमार एवं कालेश्वर रविदास सहित बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में ओएनजीसी बोकारो सीबीएम एसेट के प्रमुख राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि ओएनजीसी सदैव राष्ट्रहित एवं समाज के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों को आगे बढ़ाने तथा उन्हें व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा समावेशी विकास के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आगामी बैठकों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए तथा उद्यमियों से इस पहल को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। आयोजित कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार एवं डीएफओ रांची की ओर से तकनीकी अधिकारी कृष्णा राव जुड़े। उन्होंने उद्यमियों के विकास एवं प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतियों एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ओएनजीसी एवं उद्यमी विकास संघ की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए इसे उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जॉयदीप भट्टाचार्य के स्वागत भाषण से किया गया। इसके पश्चात सुप्रीटेंडेंट इंजीनियर पीयूष कुमार ने ओएनजीसी की तकनीकी एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं, कार्यप्रणाली, खरीद प्रक्रियाओं तथा संभावित कार्य अवसरों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें कार्य आवंटन में नियमानुसार प्राथमिकता एवं प्रोत्साहन उपलब्ध कराने, पंजीकरण प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी तथा अन्य सहयोगात्मक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की गयी।

ओएनजीसी प्रशासन की ओर से उद्यमियों को बेहतर मार्गदर्शन, सहयोग एवं सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया गया। इस संवाद से लंबे समय से अपेक्षित सहयोग की आशा लगाए बैठे उद्यमियों में नई ऊर्जा, उत्साह एवं विश्वास का संचार हुआ। संघ के संस्थापक एवं अध्यक्ष संजय कुमार भारती ने ओएनजीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संयुक्त पहल से उद्यमियों में नई आशा एवं ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि संघ उद्यमियों के हितों की रक्षा, उनके कौशल विकास, व्यावसायिक क्षमता संवर्धन तथा उन्हें बड़े सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों के साथ जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ओएनजीसी जैसे प्रतिष्ठित महारत्न संस्थान के सहयोग से वर्ग के उद्यमियों को आर्थिक एवं व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाने का मार्ग और अधिक प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त हो रहे ओएनजीसी के महाप्रबंधक अरिंदम भट्टाचार्य को उनकी दीर्घकालीन, उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं उद्यमियों ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर आदरपूर्वक सम्मान प्रदान किया तथा ओएनजीसी एवं राष्ट्र की सेवा में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उनके सेवानिवृत्त जीवन के लिए उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति एवं मंगलमय भविष्य की कामना की गई।
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