विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। दुमका के युवा अमित मंडल 1932 खतियान आधारित नियोजन नीति लागू करने को लेकर अनिश्चितकालीन यात्रा पर निकल गये है। जब तक खतियान आधारित नीति लागू नहीं होगा तब तक घर और मां बहन को छोड़ चुके हैं।
बताया जाता है कि बोकारो जिला के हद में गोमियां में 1932 खतियान को लेकर दुमका के युवा अमित मंडल अनिश्चितकालीन यात्रा के दौरान 6 मार्च को शाम के वक्त गोमियां मोड पहुंचे। यहां मौजूद स्वांग दक्षिणी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य सैफ अली ने युवा अमित का स्वागत किया।
यात्रा पर निकले युवा अमित ने कहा कि पूरे झारखंड के सभी जिलों में वे घूम-घूम कर झारखंडियों को उसकी पहचान बताएंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की अपनी नीति है, मगर झारखंड की कोई अपनी नीति नहीं। यहां कोई भी बाहरी आकर अपना हक जमा कर बैठ जाता है। हम झारखंडी कब तक सहन करेंगे। कहा कि बरसों के संघर्ष के बाद झारखंड बना, किंतु आज भी झारखंडी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।
कई राजनीतिक पार्टियां आई और गई, किंतु किसी ने कुछ नहीं किया। उन्होंने सरकार से खतियान के आधार पर स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करने की बात कही। बताया कि करीब चार महीना से वे घूम रहे हैं। जब तक खतियान आधारित नीति लागू नहीं होती है, तब तक वे घर- द्वार, मां- बहन सभी को छोड़ चुके हैं। अभी तक 300 सभाएं कर चुके हैं।
युवा अमित ने बताया कि आलम यह है कि यहां नौकरियां तक बिक रही है, तो झारखंडियों का भला कैसे होगा। झारखंड बनाने के लिए जिन झारखडियों ने अपनी शहादत दी, कि राज्य बनने से झारखंड का भला होगा। वह शहादत तभी सफल होगा जब 1932 लागू होगा।
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