बैंक व् वित्तीय संस्थानों के लिए ग्राहकों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण-उपायुक्त
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस), भारत सरकार के निर्देशानुसार अनक्लेम्ड डिपॉजिट (भूली-बिसरी जमा राशि) से संबंधित आपकी पूंजी आपका अधिकार का जिला स्तरीय विशेष शिविर का आयोजन बोकारो जिला मुख्यालय के कैंप टू स्थित जायका हैपनिंग्स सभागार में 24 अक्टूबर को आयोजित किया गया।
शिविर का शुभारंभ बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा, एसएलबीसी के डीजीएम संतोष कुमार, पीएनबी के सर्किल हेड राजेश श्रीवास्तव, बैंक आफ इंडिया के डीजेडएम निकुन जैन, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक अभिषेक सिन्हा, बैंक ऑफ बदौदा के मकेश कुमार, चेंबर आफ कार्मस बोकारो के मनोज चौधरी, एलआईसी के क्लेम हेड सुजीत कुमार राय आदि ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर उपायुक्त झा ने उपस्थित बैंक अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों और उपस्थित गणमान्य जनों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राहकों का विश्वास ही बैंकिंग व्यवस्था की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान की सफलता का आधार ग्राहकों का विश्वास होता है। उन्होंने कहा कि हम आपका पैसा नहीं, आपका विश्वास रखते हैं। बैंकिंग सेवाओं की विश्वसनीयता तभी बनी रह सकती है, जब ग्राहक का भरोसा कायम रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्राहकों से जुड़ाव और पारदर्शिता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।

उपायुक्त ने कहा कि बड़े और छोटे सभी ग्राहकों का सम्मान समान रूप से किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि छोटे ग्राहकों द्वारा जमा की गई राशि उसकी कुल आमदनी का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा होती है, इसलिए ऐसे ग्राहक बैंकिंग तंत्र की नींव हैं। कहा कि छोटे जमाकर्ताओं को सम्मान देना सिर्फ नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बैंकिंग की मजबूती की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि दूसरों का पैसा मिट्टी समान है। आम आदमी के हर एक रुपये की कीमत है और वह उसके हकदार को वापस मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने के लिए विशेष कोषांग का गठन किया जाएगा, जो अनक्लेम्ड डिपॉजिट की पहचान, सत्यापन और वितरण की प्रक्रिया को तेज करेगा।
खाता खोलने के समय नामिनी घोषित करना अनिवार्य करें बैंक
अनक्लेम्ड राशि की समस्या से बचाव के लिए उपायुक्त ने कहा कि सभी नए बैंक खाते में नामिनी का उल्लेख अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बैंक खाता खोलने के समय ही नामिनी की जानकारी दर्ज की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में खाता धारक की अनुपस्थिति में आश्रित को राशि तक पहुंच आसान हो। उन्होंने कहा कि बैंक और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है कि जनता का पैसा सुरक्षित और सुलभ रहे। उन्होंने कहा कि, आम आदमी का पैसा वापस करना हमारी जिम्मेदारी है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी नागरिक अपनी जमा राशि से वंचित नहीं रहे।
अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए उपायुक्त ने निर्देश दिए कि मल्टीमीडिया माध्यमों यथा टीवी, सोशल मीडिया, फ्लैक्स होर्डिंग, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क अभियानों के जरिए ज्यादा से ज्यादा रहिवासियों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं को केवल जमा और ऋण तक सीमित न रखकर उन्हें जन-हित और पारदर्शिता की दिशा में और बेहतर बनाया जाए।
कार्यक्रम में उपस्थित एसएलबीसी के डीजीएम, पीएनबी के सर्किल हेड, बैंक आफ इंडिया के डीजेडएम, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक, एलआईसी के क्लेम हेड आदि ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि बैंकिंग संस्थाओं का सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य करें।

शिविर में एलडीएम आबिद हुसैन, डीडीएम नाबार्ड फिलोमन बिलुंग, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जिले के सभी प्रमुख बैंकों के अधिकारी, वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मौके पर सांकेतिक रूप से अनक्लेम्ड डिपॉजिट के सेटलमेंट मामलों के खाता धारकों के बीच प्रमाण पत्र भी उपायुक्त व अन्य अतिथियों द्वारा दिया गया।
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