रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। तीन दिवसीय मनोकामना सिद्धि देववृक्ष कल्पतरु महोत्सव को लेकर 17 अगस्त को शुभ श्रावण शुक्ल त्रयोदशी तिथि को देववृक्ष शाखाओं में देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की विधिवत पूजा अर्चना की गयी। तत्पश्चात रुद्राभिषेक के साथ बड़े ही हर्ष के माहौल में कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस भव्य महोत्सव का आयोजन बोकारो के पर्यावरण-मित्र चौक स्थित पर्यावरण-मित्र वाटिका में विद्यमान मनोकामन सिद्धि देववृक्ष कल्पतरु के स्थान पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा जनकल्याणार्थ किया गया। कल्पतरु से सबों के कल्याणार्थ प्रार्थना की गई।
ज्ञात हो कि, कल्पतरु को देववृक्ष माना गया है। इससे श्रद्धा पूर्वक जो भी मनोकामना मांगी जाती है वह पूरी होती है। इसलिए इसे मनोकामन सिद्धि वृक्ष भी कहा जाता है। मान्यतानुसार देववृक्ष कल्पतरु ब्रम्हा, विष्णु और शिव स्वरूप त्रिदेव की तरह पूजित है। इसके मूल भाग में भगवान विष्णु, तना भाग में भगवान ब्रह्मा और शाखाओं में भगवान शिव की पूजा की जाती है। समुद्र मंथन से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक देववृक्ष कल्पतरु भी है। यह उसी कल्पतरु का अंश है।
बताया जाता हैं कि महोत्सव का शुभारंभ श्रावण शुक्ल एकादशी तिथि 15 अगस्त को देववृक्ष कल्पतरु के मूल भाग में भगवान विष्णु की पूजा के साथ किया गया। दुसरे दिन शुभ श्रावण शुक्ल द्वादशी तिथि 16 अगस्त को देववृक्ष कल्पतरु के तना भाग में भगवान ब्रह्मा की विधिवत पूजा की गई। जिसमें बोकारो के समस्त नागरिकों सहित राज्य एवं पूरे देश के कल्याणार्थ आशीर्वाद मांगा गया।
विद्वान आचार्य पं. चंदन शास्त्री के द्वारा सारी पूजा शास्त्रीय विधि से संपन्न कराई गईं। यजमान के रूप में संस्था के महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, वृक्ष बचाओ अभियान के संयोजक वीरेंद्र चौबे, संस्थान के सलाहकार विष्णु शंकर मिश्र, आदि।
दूसरे सलाहकार राजेश्वर द्विवेदी एवं तीसरे सलाहकार अक्षय कुमार दुबे ने कल्पतरु की पूजा एवं रुद्राभिषेक कर बोकारो तथा झारखंड सहित पूरे देशवासियों के विकास और उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना किया। दर्शक रूप में संस्थान के सचिव बबलू पांडेय के साथ कई पर्यावरण प्रेमी और समाज सेवी उपस्थित रहे।
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