ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। तेनुघाट महाविद्यालय में एनएसएस पदाधिकारी रावण मांझी के नेतृत्व में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुदामा तिवारी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को तम्बाकू सेवन से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष लोगों में तम्बाकू के प्रति जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से 31 मई को यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू के सेवन से कई गंभीर बीमारियां शरीर मे घर बना लेती है। इसके सेवन से पूरा शरीर खोखला हो जाता है।
उन्होंने कहा कि डब्लूएचओ के अनुसार भारत में तम्बाकू के कारण प्रतिवर्ष लगभग 13.5 लाख लोग मर जाते है जो कि चिंता का विषय है। इसके अलावा ध्रुमपान से 84 करोड़ टन कार्बन डाई आक्साइड उत्पन्न होती है। बार-बार थूकने से स्वच्छता दूषित होती हैं जिससे वातावरण को भारी नुकसान होता है।
प्रो. मांझी ने कहा कि तम्बाकू के कारण 25 तरह की बीमारियां और लगभग 40 प्रकार का कैंसर हो सकता है, जिसमें मुंह, गले, फेफड़े, प्रोस्टेट, पेट को कैंसर तथा ब्रेन ट्यूमर प्रमुख है। इससे जान और माल दोनों का नुकसान होता है। लोगो को इसके सेवन से परहेज करने की जरूरत है।
प्रो0 धनन्जय रविदास ने कहा कि तम्बाकू धूंए से 500 हानिकारक गैसें व सात हजार अन्य रसायनिक पदार्थ निकलते है जिसमें निकोटीन व टार प्रमुख है। कहा कि तम्बाकू तन व मन को खोखला कर देता है। इसके सेवन से मनुष्य की सोचने समझने की शक्ति समाप्त हो जाती है, बूरे ख्याल आते है, व्यक्ति अवसाद में चला जाता है, अपराध करने की प्रवृत्ति बड़ जाती है।
इस पर पूर्ण प्रतिबंध अति आवश्यक है, बंद कर देने से सेहत व वातावरण दोनों को लाभ होगा। मौके पर महाविद्यालय के प्रो0 श्रीकांत प्रसाद, प्रो0 महावीर यादव, प्रो0 दिनेश्वर स्वर्णकार, प्रो0 प्रेम प्रसाद सहित शिक्षकेत्तर कर्मी एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।
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