Advertisement

डीजल-पेट्रोल-रसोईगैस की मूल्यवृद्धि के खिलाफ महिलाओं का विरोध मार्च

बिजली विधेयक समेत किसान विरोधी तीनों काला कानून रद्द हो-बंदना सिंह
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। डीजल-पेट्रोल-रसोई गैस की मूल्यवृद्धि, बिजली विधेयक 2020 एवं किसान विरोधी तीनों काला कानून वापस लेने की मांग को लेकर 22 दिसंबर को महिला संगठन (women’s organization) ऐपवा के झंडे, बैनर तले समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर बाजार के चांदनी चौक से जिलाध्यक्ष बंदना सिंह के नेतृत्व में विरोध जुलूस निकाला गया।
नेशनल हाईवे से गगनभेदी नारे के बीच जुलूस राजधानी चौक पर पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। सभा की अध्यक्षता बंदना सिंह ने किया। मौके पर महिला नेत्री अनीता देवी, सोनिया देवी, नीलम देवी, रजिया देवी, संजू कुमारी, मालती देवी, शोभा देवी इत्यादि ने सभा को संबोधित करते हुए महंगाई के जिम्मेदार केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में जिलाध्यक्ष सिंह ने कहा कि महंगाई घटाने के नाम पर सत्ता में आई सरकार डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस समेत अन्य वस्तुओं की लगातार मूल्यवृद्धि कर रही है। इससे आम जनों का जीना दूभर हो गया है। बिजली विधेयक 2020 भी कॉरपोरेट घराने के इशारे पर लाया गया है। इससे बिजली महंगी होगी और आम-आवाम बिजली से वंचित होगा। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को कॉरपोरेट के हवाले नहीं किया जा सकता। इसे लेकर दिल्ली में जारी किसानों का आंदोलन जायज है। सरकार किसान विरोधी तीनों काला कानून वापस लें। अंत में महिलाओं का जत्था प्रखंड मुख्यालय में जारी भाकपा माले के घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन में पहुंचकर धरने पर बैठ गई।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *