फिरोज आलम/जैनामोड़(बोकारो)। जरीडीह प्रखंड (Jaridih block) के हद में टांड बालीडीह पंचायत के बांकापुल के सामने 7 अप्रैल को अजब नजारा देखने को मिला। जहां जलसंकट से जूझ रही आसपास की दर्जनों महिलाओं के द्बारा श्रमदान से तालाब निर्माण करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के अनुसार दर्जनों महिलाओं के द्बारा श्रमदान के माध्यम से तालाब का काम आरंभ कर दिया गया है।
बताया जाता है कि टांड बालीडीह पंचायत में सभी जगह जल स्तर काफी नीचे चला गया है। जिस कारण क्षेत्र में पानी की समस्या गंभीर होने से छोटी सी तालाब का पानी सूख गई है। सरकार का जल-नल योजना यहां दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है। नित्य शौच कार्यक्रम आदि करने के लिए भी पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय मुखिया पवन रजवार (Pavan Rajvar) ने कहा कि बांकापुल मे तालाब निर्माण और साफ सफाई के लिए विभाग में आवेदन दिया गया था। लेकिन आवेदन पत्र को दरकिनार कर टेंडर प्रक्रिया के अन्तर्गत ठीकेदार को दे दिया गया है। लम्बे समय बाद भी काम को पुरा नही करने से कटा हुआ चेक डैम भी सूख गया और पानी की गंभीर हालत बन गयी है। वही महिलाओं ने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी महिलाओं के साथ ही होती है। इसलिए मजबूर हो कर श्रमदान के माध्यम से ही तालाब निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। तालाब निर्माण कार्य करने में मुख्य रूप से मीना देवी, प्रतिमा देवी, अनिता देवी, पिंकी देवी, अहिल्या देवी, रीना देवी, पूर्णिमा देवी, रूपा देवी, जासू देवी, अम्बिका देवी, सत्ता देवी, सरस्वती देवी, दुर्गा देवी, शीला देवी, कपूर देवी, निरूबाला देवी, मानू देवी आदि शामिल थी।
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