देव के निधन से धर्म और अध्यात्मिक क्षेत्र में उनकी कमी खलेगी-दिनेश

एन.के.सिंह/फुसरो (बोकारो)। झारखंड (Jharkhand) की देवनगरी देवघर के प्रसिद्ध सत्संग आश्रम के प्रधान आचार्य देव अशोक चक्रवर्ती पूज्यपाद श्रीश्री दादा का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के रामकृष्ण अस्पताल (Ramkrishna Hospital) में इलाज के क्रम में उनका निधन हो गया। पिछले कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे।

जानकारी के अनुसार देव के देहावसान हो जाने के बाद दुर्गापुर में ही शाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद विश्वभर के विभिन्न देशों में फैले उनके अनुयायियों के बीच शोक की लहर दौड़ गयी है।

प्रधान आचार्य देव के निधन पर बोकारो जिला के हद में फुसरो के रहिवासी दिनेश सिंह, सुधीर सिन्हा, अशोक सिंह, राजेश अड्डी, तापस दा, शिवजी प्रसाद माधुरी, शंभू प्रसाद, बृजमोहन सिंह, सुमित सिंह, अरुण कुमार, प्रकाश कुमार, पूरन साव, आदि।

कृष्ण कुमार, ओम शंकर सिंह आदि ने श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र आश्रम के मुख्य उपासक श्रीश्री दादा के परलोक गमन पर 19 दिसंबर को गहरी संवेदना व श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ हीं कहा कि धार्मिक जगत और खासकर देवघर के लिए यह अपूरणीय क्षति है।

विश्व भर में फैले अरबों सत्संगी अनुयायियों के लिए यह समाचार वज्रपात जैसा है। धर्म तथा अध्यात्म के क्षेत्र में उनकी कमी हमेशा खलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधान आचार्य अशोक दा जीवनपर्यंत लोक कल्याण के लिए समर्पित रहे। उनका मार्गदर्शन अनुकरणीय रहा है। उससे लाखों श्रद्धालु लाभान्वित होते रहे हैं।

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