एक तरफ राजेंद्र आर माहुलकर तो दूसरी तरफ हैं श्रीमती ज्योति वाघमारे
प्रहरी संवाददाता/मुंबई। वाशिनाका परिसर, मनपा एम पूर्व वार्ड के प्रभाग क्रमांक 148 से जनता के चहेते एवं “विकास पुरुष” पूर्व नगरसेवक राजेंद्र आर माहुलकर को भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस पार्टी ने चुनावी समर में उतरा है। हालांकि कांग्रेस के साथ वंचित बहुजन आघाड़ी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, रिपब्लिकन पार्टी (गवई गुट) और राष्ट्रिय समाज पक्ष का साथ है। ऐसे यह कहना गलत नहीं होगा कि पूर्व नगरसेवक माहुलकर को जितने से कोई रोक नहीं सकता।
वहीं दूसरी तरफ मनपा एम पश्चिम वार्ड के प्रभाग क्रमांक 155 से श्रीमती ज्योति स्वपनिल वाघमारे की लोकप्रियता को देखते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी द्वारा अपना उम्मीदवार घोषित किया गया है। इन दोनों उम्मीदवारों के पीछे भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, रिपब्लिकन पार्टी (गवई गुट) और राष्ट्रीय समाज पक्ष का आशीर्वाद प्राप्त है। दोनों ही उपरोक्त दलों के अधिकृत उम्मीदवार हैं।
मनपा के एम पूर्व और पश्चिम वार्ड में आर पार के चुनावी जंग में एक तरफ प्रभाग क्रमांक 148 से विकास पुरुष “पूर्व नगरसेवक राजेंद्र आर माहुलकर तो दूसरी तरफ प्रभाग क्रमांक 155 से श्रीमती ज्योति स्वपनिल वाघमारे की जीत की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। सनद रहे, कि महाआघाडी की पूरी टीम कंधे से कंधा मिला कर सहयोग कर रही है, इन दोनों की रैली और सभाओं मतदाताओं की भारी भरकम भीड़ देखी जा रही है। फिर यहां सवाल उठता है कि क्या यह भीड़ 15 जनवरी 2026 को होने वाले मतदान के दिन वाट में बदल जायेंगे।
इस मुद्दे पर संवाददाता ने प्रभाग क्रमांक 155 के मतदाता संतोष तुकाराम वाढ़वने ने बताया कि मैं वाशिनाका के लक्ष्मी नगर सोसायटी का रहिवासी हूं। अबतक के मनपा चुनाव में मैंने यही देखा है कि जिधर भीड़ उधर ही वोट गिरता है। इस प्रकार संवाददाता ने अलग -अलग चाली और झोपड़पट्टियों में सर्वे किया। सूत्रों की माने तो इस दोनों प्रभागों पर सट्टा लगा है।

गौरतलब है तीन दिनों के इस सर्वे में दोनों प्रभागों से करीब 467 मतदाताओं से जीत -हर के मुद्दे पर चर्चा की गई। इनमें 51 प्रतिशत लोगों ने यह बताया कि अगर EVM में खेला नहीं हुआ तो पूर्व नगरसेवक राजेंद्र आर माहुलकर को जितने से कोई रोक नहीं सकता। वहीं 27 प्रतिशत लोगों ने भाजपा के उम्मीदवार का समर्थन किया। जबकि 13 मतदाताओं का कहना है कि कोई भी जीते, क्षेत्र के विकास से पहले अपने खास लोगों को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। इसके अलावा 9 फीसदी नागरिकों का मानना है कि कोई भी जीते या हारे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि इससे पहले भी नगरसेवकों का चुनाव होता रहा है, लेकिन जनता की हर बार अनदेखी की जाती है।
Tegs: #Will-aghadi-capture-divisions-148-and-155
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