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केंद्रीय विद्यालय, हवाई अड्डा को मंजूरी देने में समस्तीपुर के साथ भेदभाव क्यों-सुरेंद्र

बिहार में 19 केंद्रीय विद्यालय खोलने को मिली मंजूरी, समस्तीपुर नदारद

समस्तीपुर को छोड़ 7 जिले में हवाई अड्डा खोलने को मंजूरी मिली

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की बढ़ती संख्या को आधार बनाकर उनके बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बिहार में सिविल क्षेत्र के अंतर्गत 19 नए केंद्रीय विद्यालय (केवी) खोलने को मंजूरी दी गई है। अब सीतामढ़ी, कटिहार में 2, भभुआ, मधुबनी में 2, शेखपुरा में 2, मधेपुरा, पटना में 2, अरवल, पुर्णिया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, दरभंगा, भागलपुर, नालंदा तथा बोध गया में केवी खुलेंगे। इसके तहत जहां पहले से केवी हैं, वहां एक या दो और केवी पुनः खोला जाएगा, लेकिन बिहार के समस्तीपुर जिले को इस लाभ से वंचित रखा गया है।

ठीक इसी तरह भागलपुर, सहरसा, मुंगेर, बीरपुर, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, वाल्मीकिनगर, सुल्तानगंज, रक्सौल, मधुबनी में हवाई अड्डा खोलने की मंजूरी मिली है, लेकिन एकबार फिर समस्तीपुर को इससे भी वंचित रखा गया है, जबकि यहां पहले से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में दूधपूरा हवाई अड्डा चर्चित रहा है। जरूरत थी इसे जीर्णोद्धार कर चालू करने की लेकिन यह राजनीति का शिकार हो गया।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए 4 अक्टूबर को भाकपा माले समस्तीपुर जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आखिर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन समस्तीपुर के साथ भेदभाव क्यों कर रही है, जबकी समस्तीपुर वासियों ने भाजपा को असीम ताकत दी है। कहा कि जिले के दो में से दो सांसद भाजपा एवं लोजपा का। 10 में से 6 विधायक भाजपा एवं एनडीए गठबंधन का है।

राज्यसभा सदस्य, विधान पार्षद भाजपा-जदयू का है। फिर समस्तीपुर को भाजपा-जदयू द्वारा नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? माले नेता सिंह ने समस्तीपुर जिले के साथ सौतेला व्यवहार करने वाले भाजपा-जदयू गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता से बेदखल करने की अपील जिलावासियों से की है।

 

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