एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। प्रीपेड स्मार्ट मीटर को परखने का समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर प्रखंड एवं नगर परिषद क्षेत्र में 15 दिनी अभियान के अंतिम दिन 24 अगस्त को विधुत सुधार संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक सह भाकपा-माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अपने अनुभव को शेयर किया गया।
सिंह ने कहा कि जनता द्वारा प्रीपेड मीटर में कई खामियां मसलन तेज चलना, शार्ट लगने पर उच्चतर लोड दर्ज हो जाना, रिचार्ज के बाबजूद आपूर्ति बंद रहना, मीटर अपडेट बाधित रहना, सर्वर डाउन रहने पर रिचार्ज नहीं होना, रिचार्ज समाप्त होने का मैसेज नहीं आना, मीटर एवं बिल में गड़बड़ी का स्थानीय स्तर पर सुधार नहीं होना, मीटर रेंट ज्यादा होना आदि बताया गया है, जो सही प्रतीत होता है।

उन्होंने ताजपुर अस्पताल चौक के सुरेश कुमार, मानपूरा के मो. असलम, अस्पताल रोड के मो. परवेज आदि के यहां जाकर उनकी शिकायतों को देखा एवं समझा। शिकायत को सही पाकर कार्यपालक अभियंता से शिकायत दूर भी कराया।
प्रीपेड मीटर ठीक होने का विभागीय दावा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माले नेता सिंह ने कहा कि तमाम सरकारी योजनाओं को प्रमोट मंत्री, अधिकारी करते हैं, तो पहले प्रीपेड मीटर पहले मंत्री, एमपी, एमएलए, सरकारी विभाग एवं कार्यालय, अधिकारियों के आवास, अदालत, स्कूल, कॉलेज आदि जगहों पर लगाया जाना चाहिए।
विभाग पहले उपभोक्ता को ही बली का बकरा क्यों बनाने पर तुली है। माले नेता सुरेंद्र ने कहा कि 1 केवीए के कंज्यूमर को कमर्शियल मीटर के माध्यम से प्रतिदिन 10 रूपये एवं घरेलू उपभोक्ताओं को 2 रूपये 67 पैसा वसूलना नाजायज है। उपभोक्ताओं से जब यूनिट का पैसा लिया ही जा रहा है तो उपर से विभाग लोड चार्ज के मद में भी भयंकर वसूली कर रही है। एक ही मुर्गे को कितने जगह हलाल करेगी विधुत विभाग।

माले नेता ने कहा कि प्रीपेड मीटर तेज करने की शिकायत करने वाला उपभोक्ताओं ने अपने घरों में प्रीपेड मीटर के पैरलल इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाकर खुद ही मीटर रीडिंग मिलान करने की बात बताया है। उन्होंने विभाग से अब प्रीपेड मीटर का बिल भी प्रति महीने उपभोक्ताओं को देने की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही इसे परखने एवं इस पर रोक लगाने का जन अभियान जारी रखने की घोषणा की है।
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