खाद की कालाबाजारी के खिलाफ किसान करेंगे चक्काजाम
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। आलू, गेहूं, मक्का, सब्जी की खेती शुरू है लेकिन इसके लिए जरूरी जिला कृषि कार्यालय से आबंटित खाद जरुरतमंद किसानों के बजाय माफिया के हाथों में पहुंच जाता है।
बाजार में 12 सौ रूपये की डीएपी (Dap) की बिक्री 4 हजार रू० की उंची कीमत पर शुरु हो जाती है। यही हाल एनपीके,पोटाश आदि का भी है। उक्त जानकारी भाकपा माले (Bhakpa Male) नेता कॉमरेड सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि समस्तीपुर जिला के हद में ताजपुर कृषि कार्यालय में बीते दिनों शिकायत करने गई अखिल भारतीय किसान महासभा की टीम को डीएपी का आबंटन की प्रति प्राप्त होने पर इसका मिलान करने से बड़ा हेराफेरी का भंडाफोड़ होने की संभावना दिखा।
उदाहरण स्वरूप 16 नवंबर को जिला से ताजपुर प्रखंड के लिए 40 टन डीएपी जिला से आबंटित किया गया लेकिन ये खाद कहाँ गया, वितरण हुआ, इसका ठोस जबाब कृषि पदाधिकारी के पास नहीं है।
किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने तुरंत बीडीओ मनोज कुमार, सीओ सीमा रानी से मिलकर इसकी शिकायत की।
अधिकारी द्वय द्वारा कृषि पदाधिकारी वीरेंद्र पासवान को टीम के समक्ष ही बुलाकर आबंटन एवं वितरण का लेखा- जोखा दिखाने को कहा गया, लेकिन कृषि पदाधिकारी ने इसके लिए वक्त मांगा। उन्होंने खाद वितरण में पारदर्शी तरीका अपनाने का आश्वासन दिया।
असंतुष्ट महासभा टीम की मांग पर आगामी 3 दिसंबर को बीडीओ, कृषि पदाधिकारी, थौक एवं खुदरा दुकानदार, किसान की उपस्थिति में 11-30 बजे से खाद निगरानी समिति की बैठक बुलाने की घोषणा के बाद किसानों ने एनएच-28 सड़क जाम आंदोलन को स्थगित कर दिया।
इसकी जानकारी 27 नवंबर को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह एवं माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से दी।
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