एस.पी.सक्सेना/बोकारो। मजदूरों का साथ इसी तरह मिलता रहा तो निश्चित तौर पर भ्रष्टाचारियों को कोयला क्षेत्र से भगा दूंगा। मुझे किसी युनियन के टैग की आवश्यकता नहीं है।
जहाँ मैं रहता हूँ वही युनियन होता है। उक्त बातें चर्चित मजदूर नेता एवं राकोमसं (फौजी गुट) के महामंत्री रामेश्वर सिंह फौजी ने 8 दिसंबर को बोकारो जिला के हद में सीसीएल के कथारा अतिथि गृह में कही।
उन्होंने कहा कि मजदूरों का जिगर फौलादी है फिर भी उनका निरंतर शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोयला मजदूरों को किसी लाभ के लिए घुस देना पड़ रहा है। यह शर्म की बात है। मजदूर जो भ्रष्टाचार के शिकार हो रहे हैं, उसमें ट्रेड युनियन नेता की मिलीभगत है।
फौजी के अनुसार 90 प्रतिशत नेता घूसखोर हो गये हैं, इसीलिए वे मानते हैं कि सभी मजदूर अपना नेता स्वयं बने। इसी मुहिम को लेकर वे लगातार क्षेत्र का दौरा करते रहे हैं। फौजी के अनुसार भ्रष्ट युनियन नेताओं के संरक्षण में ऑफिस के दर्जनों बाबू दशको से एक हीं कुर्सी पर कब्जा जमाये हैं।
फौजी ने आरोप लगाते हुए कहा कि कथारा क्षेत्र में एक नेता द्वारा आवास आवंटन के नाम पर पचास हजार रुपए लिया गया। वहीं ढोरी में एक कर्मचारी को अपने पुत्र का नोमिनी में नाम चढ़ाने के एवज में 20 हजार घुस देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मैं मजदूरों का काम बिना एक रुपया लिए करता हूँ, वह भी डंके की चोट पर। दम है तो कोई मुझे भ्रष्टाचारी साबित करे। इस अवसर पर युनियन (Union) के सीसीएल (CCL) रीजनल सचिव अर्जुन नोनियां, ढोरी क्षेत्रीय सचिव छोटेलाल शर्मा, क्षेत्रीय संयुक्त सचिव गंगा देवी के अलावा चन्द्रमा तिवार्था, अख्तर अंसारी, प्रकाश कुमार आदि उपस्थित थे।
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