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जब ट्रांसफार्मर जुगाड़ से चल रहा है तो कैसे मिलेगी निर्बाध बिजली-सुरेंद्र

माले टीम ने शहर के 27 ट्रांसफार्मर का निरिक्षण कर कहा ट्रांसफार्मर व उपकरण बेकार

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर शहर में विद्युत संकट के मद्देनजर भाकपा माले टीम के सदस्यों ने 26 जुलाई को शहर के 27 ट्रांसफार्मर का निरिक्षण किया। इस दौरान कई मिस्त्री, विधुत अधिकारी, स्टोर कीपर, सामाजिक- राजनीतिक कार्यकर्ताओं आदि से बातचीत कर विद्यत अनापूर्ति के बारे में पता लगाया। माले टीम में क्रमशः भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह, माले नेता मो. सगीर एवं मनोज कुमार सिंह शामिल थे।

मौके पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाकपा माले जिला स्थायी समिति सदस्य सह विद्युत सुधार संघर्ष मोर्चा संयोजक सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अपने तीन दिन निरिक्षण अभियान के दौरान कुल 27 ट्रांसफार्मर का निरिक्षण किया गया और आश्चर्य की बात है कि 27 में से एक भी ट्रांसफार्मर पूरी तरह दुरूस्त नहीं पाया गया। अधिकांश जगहों का ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। कुछ जगहों का ट्रांसफार्मर खराब है।

माले नेता सिंह ने बताया कि जांच के दौरान हरेक ट्रांसफार्मर पर लगा हैंडल, एवी स्वीच, अर्थिंग, पैनल, एमसीबी, ट्रांसफार्मर बुश, राॅड आदि खराब पाया गया है। कई ट्रांसफार्मर से धुंआ निकलता दिखाई दिया, तो एसपी आवास समेत कई ट्रांसफार्मर को लत्तीदार पौधे द्वारा घेरे हुए पाया गया। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ता है, तार टूटता है या बुश राॅड से डिस्कनेक्ट होता है तो उसे ठीक करने के लिए ग्रिड से उस संपूर्ण फीडर का लाईन कटवाना पड़ता है। फलत: समस्या एक ट्रांसफार्मर पर और झेलना पर रहा है उस ग्रिड से जुड़े सभी ट्रांसफार्मर के कंज्यूमर को। माले नेता ने कहा कि यूं तो हरेक ट्रांसफार्मर पर लो एवं हाई वोल्टेज का शिकायत कंज्यूमर द्वारा किया जा रहा है।

माले नेता के अनुसार विधुत व्यवस्था को निजी कंपनी को सौंपने के बाद भी कंपनी मांग के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के बजाय स्मार्ट मीटर लगाने और बिल वसूलने पर अधिक ध्यान दिया। परिणाम है कि विभाग ग्रीड में उपलब्ध बिजली को भी कंज्यूमर तक पहुंचाने में नाकाम हो रही है। उन्होंने कहा कि विधुत संकट से जिलावासी बुरी तरह प्रभावित है। 10-15 घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रहा है। भीषण गर्मी में रहिवासी रतजगा करने को मजबूर हैं। कोई अनहोनी होने पर विधुत अधिकारी, काॅल सेंटर, कर्मी फोन तक नहीं उठाते हैं। कहा कि जिले में विद्युत विभाग केवल जुगार तंत्र के सहारे टिका है।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली कटौती पर रोक लगाने, सभी नंगे एवं जर्जर तारों को बदलने, जल रहे ट्रांसफार्मर को 24 घंटे के अंदर बदलने, ओवरलोड ट्रांसफार्मर के जगह अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने, बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कटौती पर रोक लगाने, जनता का फोन नहीं उठाने वाले अधिकारियों, काॅल सेंटर संचालक एवं कर्मियों पर कारवाई करने, प्रीपेड मीटर पर रोक लगाने आदि मांगों को लेकर जल्द विधुत सुधार संघर्ष मोर्चा द्वारा बैठक बुलाकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।

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