जीवित रामदेव का नाम मृतकों की सूची में डाला तो आनंद का नाम दो जगह दर्ज-माले
बूथ चलो अभियान के तहत भाकपा माले ने मोतीपुर में की बूथ स्तरीय बैठक
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह एवं किसान नेता ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि बिहार में चल रहे गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न) के तहत जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में भारी धांधली सामने आ रही है। कहा गया कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं जो न केवल जीवित हैं, बल्कि अपने घरों में भी मौजूद हैं।
भाकपा माले नेता ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत ऐसा किया जा रहा है, ताकि मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित कर भाजपा को जबरन जीत दिलाई जा सके। इस कार्रवाई से खासकर गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, मजदूर और किसान वर्ग के वोटरों को निशाना बनाया गया है, जो अक्सर भाजपा विरोधी माने जाते हैं।
माले नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर जीवित और सक्रिय मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं? क्या यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा प्रश्न चिन्ह नहीं है?
माले नेता सिंह द्वारा बताया गया कि समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के हद में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति स्थित बूथ क्रमांक-275 (पुराना) एवं 304 नया के क्रमांक-621 पर अंकित जीवित व्यक्ति मोतीपुर वार्ड-25 रहिवासी 79 वर्षीय रामदेव महतो, पिता दिवंगत रामफल महतो, वोटर आईडी कार्ड क्रमांक- BR/17/095/096052 का नाम हटा दिया गया है। ठीक इसी तरह इसी बुथ पर क्रमांक-470 एवं इसके आगे-पीछे दर्जनों मतदाताओं के मकान संख्या के जगह पिता का नाम लिख दिया गया है। क्रमांक 573 एवं 579 आंनद कुमार, पिता- राजेश्वर प्रसाद सिंह एवं आनंद कुमार पिता- राजेश्वर महतो दोनों एक ही व्यक्ति हैं। ठीक इसी तरह क्रमांक 14 पर निर्वाचक का नाम कोमल कुमारी एवं पति का नाम राजू कुमारी दर्शाया गया है। क्रमांक 117 पर निर्वाचक का नाम राहुल कुमार अन्य सेल्फ एवं मकान संख्या के जगह श्यामनंदन साह दर्शाया गया है।

भाकपा माले द्वारा बूथ चलो अभियान के तहत समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र के मोतीपुर वार्ड 26 में 6 अगस्त को आयोजित बूथ स्तरीय बैठक के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची की समीक्षा के बाद माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा कहा गया कि जब चुनाव आयोग के निर्देश पर बीएलओ घर-घर गया तो मतदाता सूची में इतनी गड़बड़ियां कैसे है?
विदित हो कि इस बूथ से लगभग 73 मतदाताओं के नाम काटे गये हैं। इसमें जीवित को मृत बताकर नाम काटा गया है। दूसरे राज्यों में कमाने गये दलित, पिछड़ी जाति, अति पिछड़ी जाति के मजदूरों का नाम काटा गया है। कहा गया कि भाकपा माले द्वारा मतदाता सूची का विशेष अध्ययन एवं अभियान लगातार जारी है।
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