एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। चुनाव आयोग द्वारा 25 अगस्त को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द किये जाने को लेकर राज्यपाल को भेजे गये पत्र के बाद झारखंड में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रदेश भर में लगातार हो रही ईडी की कार्रवाई को लेकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार भाजपा नेताओं के निशाने पर है। कई बार यह भी कयास लगाया है कि झारखंड में सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।
इस उथल पथल के बीच राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने कहा कि झारखंड सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार पूर्ण बहुमत की सरकार है।
झारखंड के शिक्षा मंत्री महतो ने कहा कि राज्य सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने विधायको की संख्या बल को गिनाते हुए कहा कि उनकी सरकार के पास बहुमत से ज्यादा विधायकों की संख्या है। उन्होंने कहा कि हमारे साथ 45 से 50 विधायकों का समर्थन है, जबकि भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है। मंत्री महतो ने कहा कि भाजपा कितनी भी कोशिश करे सब बेकार है।
205 total views, 1 views today