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शिक्षाविद् प्रो. सच्चिदानंद शर्मा के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर

प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर के सबलपुर बभनटोली रहिवासी प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं समाजसेवी प्रोफेसर सच्चिदानंद शर्मा का पटना स्थित रूबन मेमोरियल हॉस्पिटल में 12-13 फरवरी की रात्रि 2 बजे निधन हो गया। वे लगभग 83 वर्ष के थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही बिहार की राजधानी पटना से लेकर सारण जिला के हद में सोनपुर तक शोक की लहर दौड़ गई।

ज्ञात हो कि स्वर्गीय शर्मा आजीवन शिक्षा एवं समाजसेवा के प्रति समर्पित रहे। वे अपने पिता शहीद कामता प्रसाद शर्मा की स्मृति में प्रतिवर्ष सबलपुर में प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन करते थे, जिसमें कक्षा 4 से 10 तक के हजारों छात्र-छात्रा भाग लेते थे। लिखित परीक्षा, वाद-विवाद एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के माध्यम से वे बच्चों में बौद्धिक विकास एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत करते थे एवं उत्तीर्ण छात्रों को पुरस्कृत भी करते थे।

दिवंगत प्रो. शर्मा ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए सदैव सहयोग प्रदान किया। उनके प्रयासों से सबलपुर क्षेत्र में शिक्षा का स्तर उल्लेखनीय रूप से उच्च रहा है। स्व. शर्मा के प्रयासों से सबलपुर में शिक्षा का स्तर अत्यंत उच्च रहा। प्रतियोगिता में सफल होना विद्यार्थियों के लिए गर्व का विषय होता था और बच्चे वर्षभर इसकी तैयारी में जुटे रहते थे।

उनके अस्वस्थ होने के बाद प्रतियोगिता बंद हो गई, जिससे क्षेत्र में शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को स्थायी स्वरूप देते हुए उन्होंने कामता प्रसाद शर्मा मेमोरियल हाई स्कूल बिहटा (पटना) की स्थापना एवं संचालन किया। साथ ही वे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी रहे। सोनपुर के सबलपुर में संपन्न श्रीमहाविष्णुयज्ञ एवं बाबा गोरखाईनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा तथा भव्य मंदिर निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके आकस्मिक निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।

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