सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी प्रखंड के दिरीबुरु पंचायत अंतर्गत ठाकुरा गांव के बीच टोला में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बगल बना सोलर जल मीनार महीनो से खराब है। जिसके कारण यहां के ग्रामीण कई किलोमीटर दूर कारो नदी का पानी पीने को विवश हैं।
जानकारी के अनुसार ठाकुरा गांव मुंडा टोला में स्थित सोलर जल मीनार के खराब होने के कारण ग्रामीणों को अब कारो नदी के तट पर चुंआ बनाकर पीने का पानी ला रहे हैं। ज्ञात हो कि ठाकुरा गांव के बीच टोला में 250 परिवार रहते हैं। इस बीच टोला में मात्र एक ही जल मीनार बनाया गया है।
जिससे ग्रामीणों की प्यास बुझती थी। कुछ माह पूर्व इस प्रचंड गर्मी में सोलर जल मीनार के खराब हो जाने से ग्रामीणों को पीने का पानी के लाले पड़ गए हैं। ग्रामीण महिलाएं पीने का पानी लाने के लिए एक से दो किलोमीटर दूर कारो नदी तट पर चुंआ बनाकर पानी ला रहे हैं।
बीच टोला में खराब हुए जल मीनार की लिखित शिकायत ठाकुरा गांव के मुंडा दामु चाम्पिया ने पिछले माह मार्च में नोवामुंडी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अनुज बांडो को दी है। बावजूद इसके अभी तक उक्त जल मीनार खराब है।
इससे वहां के रहिवासी 250 परिवारों को पीने का पानी लाने के लिए काफी परेशानियों का सामना कर गांव से दूर कारो नदी जाना पड़ रहा है। इस संदर्भ में 25 अप्रैल को ग्रामीणों ने बैठक कर पीएचडी विभाग के विरोध में मोर्चा खोला और कहा कि ठाकुरा गांव के बीच टोला में खराब जल मीनार की मरम्मती को लेकर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान बैठक में मुख्य रूप से ठाकुरा गांव के मुंडा दामु चाम्पिया, वार्ड सदस्य राजेश चाम्पिया, मदन चाम्पिया, बबलू चाम्पिया, प्रशांत चाम्पिया, विरेनवती चाम्पिया, सोमवारी चाम्पिया, सीता चाम्पिया, गीता चाम्पिया, जानो चाम्पिया, सावित्री चाम्पिया, बिरजू चाम्पिया सहित अन्य मौजूद थे।
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