पंप फेल, फेरीवालों ने निकाला पानी
मुश्ताक खान/मुंबई। बरसाती पानी घुसना से कुर्ला का भुयारी मार्ग जल मग्न, इस भुयारी मार्ग का एग्जॉस्ट फैन बंद होने के कारण जानलेवा साबित हो रहा है। कुर्ला पूर्व को पश्चिम से जोड़ने वाले इस भुयारी मार्ग से आने जाने वालों का दम घुटने लगता है, सांस लेने में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मौजूदा समय में बारिश के पानी का कचरा और पीओपी के गिरने की वजह से यहां गंदगी का अंबार लगा है। अगर समय रहते इसकी सफाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में इस मार्ग से बिमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि जन समस्याओं को देखते हुए शिवसेना के पूर्व सांसद एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी ने कुर्ला पूर्व को पश्चिम से जोड़ने वाले भुयारी मार्ग को अपना ड्रिम प्रोजेक्ट (Dream project) बना लिया था।
बता दें इस भुयारी मार्ग का उद्घाटन मौजूदा राज्य के पर्यटन व शिष्टाचार मंत्री आदित्य ठाकरे ने अक्टूबर 2017 में किया था। मनपा और मध्य रेलवे द्वारा इस भुयारी मार्ग को संयुक्त रूप से बनाया गया है।
करीब 9 करोड़ की लागत से बना 130 मीटर का यह भुयारी मार्ग अब जानलेवा साबित हो रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2002 में लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी ने इस भुयारी मार्ग का शिलान्यास किया था।
इसके 14 साल बाद भुयारी मार्ग बन कर तैयार हुआ जो अब गंदगी, कचरा और पानी से भरा है। 24 जुलाई शनिवार को यहां के फेरीवाले व स्थानीय युवकों ने मानवता का परिचय देते हुए हर युवक ने 20 -20 बाल्टी पानी भुयारी मार्ग से बहार निकाला। इसके बाद लोगों का आवा-गमन शुरू हो सका।
इस मुद्दे पर स्थानीय नगरसेवक अशरफ आज़मी से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि अडानी इलेक्ट्रिक द्वारा बिजली खंड़ित करने की वजह से पंप नहीं चल पाया, जिसके कारण भुयारी मार्ग पर बरसात का पानी जमा है।
बता दें कि कुर्ला पूर्व से पश्चिम की तरफ आने जाने के लिए बने इस भुयारी मार्ग पर पानी जमा होने की जानकारी नगरसेवक आज़मी को नहीं थी। संवाददाता द्वारा पुछने पर वे चौंक गए , और अपने लोगों से जानकरी लेने लगे। बहरहाल उन्होंने कहा है कि मैं पानी निकालने की व्यवस्था करता हूं।
वहीं इस मुद्दे पर कुर्ला विधायक मंगेश कुडालकर (MLA Mangesh kudalkar) ने बताया कि इस मामले में उन्होंने मनपा और मध्य रेलवे को जानकारी दी है। इसके आलावा वे दोनो विभागों के संपर्क में हैं । ताकि इस भुयारी मार्ग को रेलवे जल्द से जल्द मनपा के हवाले कर दे।
उन्होंने बताया कि मनपा और मध्य रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से बना यह भुयारी मार्ग अब भी रेलवे के अधीन है। उल्लेखनीय है कि 9 करोड़ में 14 साल में बने इस भुयारी मार्ग की अंदेखी का नतीजा बिमारियों का घर भी हो सकता है। इस मार्ग के उपर 10 रेलवे ट्रेन हैं जिस पर लगातार रेल गाड़ियों का आवा गमन है।
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