बोकारो के डीएफओ के स्थानांतरण पर वन बचाव समिति ने की पुनः पदस्थापना की मांग
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिले में पदस्थापित रहे वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी (डीएफओ) रजनीश कुमार के स्थानांतरण को लेकर वन बचाव समिति ने गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति का आरोप है कि उनका ट्रांसफर ऐसे समय में किया गया है जब वे वनभूमि पर हो रहे अवैध कब्जे और जमीन की खरीद-बिक्री पर सख्ती से रोक लगा रहे थे।
वन बचाव समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष विष्णु चरण महतो ने 3 मार्च को बयान जारी करते हुए कहा कि बोकारो में अवैध तरीके से जंगलों को उजाड़कर वन भूमि को माफिया द्वारा बेचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएफओ रजनीश कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाया और वन भूमि को बचाने का प्रयास किया।
महतो ने कहा कि वन क्षेत्र हमारी प्राकृतिक धरोहर है। यदि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों का इस तरह स्थानांतरण किया जाएगा, तो अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कहा कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के रजनीश कुमार की पुनः बोकारो में पदस्थापना होनी चाहिए। उन्होंने झारखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया तो वन बचाव समिति चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। समिति ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि जंगल और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए है। दूसरी ओर बोकारो जिले में वन भूमि की सुरक्षा और अवैध कटाई के मुद्दे पर आम जनों में भी चिंता देखी जा रही है। पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि वन संपदा की रक्षा के लिए सख्त प्रशासनिक कदम उठाने की आवश्यकता है।
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