मुंबई, गोवा, मंगलुरु, कोणार्क, विशाखापत्तनम और चेन्नई में एक साथ आयोजित
कार्यालय संवाददाता/मुंबई। सीआईएसएफ की प्रमुख राष्ट्रीय जनसंपर्क एवं जन-जागरूकता की पहल “वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन–2026” की शुरुआत सोमवार की सुबह 07:30 बजे मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर माननीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद रायमुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस शुभारंभ के साथ ही 25 दिनों के इस विशाल राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई। साइक्लोथॉन के दौरान मुंबई, गोवा, मंगलुरु, कोणार्क, विशाखापत्तनम और चेन्नई में आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों में खेल, संस्कृति, फिल्म जगत और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी। इसका समापन कोच्चि में होगा। राष्ट्रीय दृष्टिकोण से सामंजस्य, वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन–2026, विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य तटीय क्षेत्रों को सशक्त बनाना, समुदायों को मजबूत करना और एक सतर्क, स्वस्थ एवं जिम्मेदार नागरिक समाज का निर्माण करना है।
सीआईएसएफ की दो साइक्लिंग टीमें एक साथ बक्कखाली (पश्चिम बंगाल) एवं लखपत (गुजरात) से रवाना हुईं। टीमें देश के पूर्वी एवं पश्चिमी तटों के लगभग 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 9 तटीय राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेंगी और 22 फरवरी 2026 को कोच्चि में इसका समापन होगा।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति एवं अंतर-एजेंसी सहयोग शुभारंभ समारोह में अनेक विशिष्ट गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. पल्लवी जैन गोविल, आईएएस, सचिव, युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय; शत्रुजीत कपूर, आईपीएस, महानिदेशक, आईटीबीपी; प्रवीर रंजन, आईपीएस, महानिदेशक, सीआईएसएफ; राकेश अग्रवाल, आईपीएस, महानिदेशक, एनआईए; गौरव द्विवेदी, आईएएस, सीईओ, प्रसार भारती और संजय सिंघल, आईपीएस, महानिदेशक, एसएसबी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इन सभी गणमान्य अतिथियों ने इंडिया गेट के निकट आयोजित संक्षिप्त साइकिल रैली में भी भाग लिया और साइक्लोथॉन को प्रतीकात्मक समर्थन प्रदान किया। उनकी उपस्थिति ने मंत्रालयों एवं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सशक्त सहयोग को दर्शाते हुए इस पहल के राष्ट्रीय महत्व, एकजुटता, सतर्कता और साझे संकल्पका स्पष्ट संदेश दिया।
माननीय गृह राज्य मंत्री का संदेश तटीय साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि “ यह आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। वंदे मातरम् वह अमर गीत है जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरणा दी और आज भी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की भावना से मार्गदर्शन प्रदान करता है। ” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि“तटीय सुरक्षा को तभी सुदृढ़ बनाया जा सकता है जब इसमें नागरिकों, विशेषकर तटीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी हो।”
एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि“यह देश के लिए गर्व का विषय है कि सीआईएसएफ को International Ship and Port Facility Security (ISPS) Code के अंतर्गत ‘मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (RSO)’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। इससे सीआईएसएफ भारत की समुद्री एवं पत्तन सुरक्षा व्यवस्था के केंद्र में स्थापित हुई है।”उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सागर, क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ के विजन के अनुरूप है, जो ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’ की भावना पर आधारित है।
महिला सशक्तिकरण और समावेशिता : युवा सहभागिता और महिला सशक्तिकरण इस साइक्लोथॉन के प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि भाग लेने वाले साइकिल चालकों में 50 प्रतिशत महिलाएँ हैं, जो राष्ट्रीय सेवा पहलों में लैंगिक समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह साइक्लोथॉन नागरिकों को अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और राष्ट्रसेवा की भावना अपनाने के लिए प्रेरित करता है।
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