प्रहरी संवाददाता/जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)। पूर्वी सिंहभूम जिला से सटे झारखंड के सरायकेला-खरसावा जिला के हद में नीमडीह प्रखंड के आदरडीह गांव में बीते 5 नवंबर को पर्यावरण बचाओ, जमीन बचाओ आंदोलन ने जोर पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार एसएम स्टील एंड पावर लिमिटेड कंपनी द्वारा प्रस्तावित प्रोजेक्ट के खिलाफ पांच मौजा यथा आदरडीह, गौरीडीह, बनडीह और लोवाबेड़ा के ग्रामीणों ने दुर्गा मंदिर परिसर में एकजुट होकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी पर्यावरण के लिए नुकसानदायक फैक्ट्री स्थापित करने की तैयारी में है, जिससे खेती-किसानी, जल स्रोत और आसपास की हरियाली पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कंपनी हटाओ, गांव बचाओ, हरियाली हमारी पहचान है, पर्यावरण को बचाना है के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को धोखाधड़ी बताया। उनका कहना है कि जमीन को बंजर दिखाकर बिचौलियों के माध्यम से कम दाम में खरीद लिया गया। जहां रजिस्ट्री 44 हजार रुपये प्रति डिसमिल के रेट पर की गई, वहीं असल मालिकों को मात्र 11 हजार रुपये दिए गए।
सभा में शामिल झारखंड नव निर्माण क्रांतिकारी मोर्चा के संरक्षक कृष्णा कालिंदी ने कहा कि मैं खुद एक विस्थापित का बेटा हूं। चांडिल डैम के विस्थापितों को आज तक न्याय नहीं मिला। वही गलती मत दोहराएं। जमीन और पर्यावरण हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है। इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ तो वे आंदोलन को मुख्यमंत्री आवास तक ले जाएंगे।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक हमारी जमीन और पर्यावरण की सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञात हो कि आदरडीह में यह संघर्ष अब सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि अस्तित्व और पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई बन चुका है। अब सबकी नजर प्रशासन और कंपनी के रुख पर है कि वे इस जनविरोध का समाधान कैसे निकालते हैं।
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