एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा महाप्रबंधक कार्यालय के समीप बनने वाले ईको पार्क को 2 मार्च को स्थानीय ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण तत्काल टाल दिया गया।
बताया जाता है कि ईको पार्क बनाने को लेकर चिन्हित भूमि पर ग्रामीणों के विरोध की संभावना के मद्देनजर भारी संख्या में बोकारो थर्मल थाना तथा कथारा ओपी से पुलिस बल बुलाया गया था। प्रशासन द्वारा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विक्रम कुमार मंडल जैसे हीं उक्त भूमि की घेराबंदी के लिए पहुंचे कि सूचना पाकर बोडिया वस्ती के सैकड़ो ग्रामीण महिला-पुरुष पहुंचकर निर्माण कार्य का जमकर विरोध शुरु कर दिया।
बताया जाता है कि ग्रामीणों के भारी विरोध को देखते हुए प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी मंडल पुलिस प्रशासन को किसी भी सख्ती करने की इजाजत नहीं दी, जिससे पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा। ईको पार्क निर्माण के लिए कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा उपलब्ध जेसीबी मशीन को उक्त स्थल से हटाना पड़ा। विभागाध्यक्ष असैनिक संजय सिंह तथा उप प्रबंधक असैनिक ने ग्रामीणों के भारी विरोध को देखते हुए तत्काल उक्त कार्य को टाल दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त भूमि को वर्ष 1922 में अधिग्रहित किया गया था, जिसमें कोयला खनन की बात कही गयी थी, बावजूद इसके सीसीएल प्रबंधन यहां कोयला खनन न कर मनोरंजन के लिए ईको पार्क बना रही है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि उनका खतियानी जमीन है। यहां वे वर्षो से खेती किसानी करते रहे है।

अब सीसीएल प्रबंधन उनकी खेती किसानी को छीनना चाहती है, जिसे वे कामयाब नहीं होने देंगे। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह जमीन यदि उनकी नहीं है तो वर्ष 2013 तक किस आधार पर राज्य सरकार उससे मालगुजारी वसूल करती रही है। दूसरी ओर क्षेत्रीय प्रबंधन उक्त भूमि को अधिग्रहित बताकर ग्रामीणों द्वारा मामले को बेवजह उलझाने का आरोप लगा रही है। जिस कारण ईको पार्क निर्माण को ग्रहण लगता नजर आने लगा है।
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