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ओरदाना के घासी टोला में पानी के लिये ग्रामीणों में हाहाकार

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के ओरदाना पंचायत के घांसी टोला में पानी के लिये हाहाकार मचा है। इस मामले में न तो प्रशासनिक स्तर पर और न हीं जनप्रतिनिधियों द्वारा अबतक कोई प्रयास किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार बूंद बूंद पानी के लिए तरसते घांसी टोला के दर्जनों महिला-पुरुष छोटे छोटे बच्चे 18 मई को पानी के लिये सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे। सभी का एक ही मांग था कि हर हाल में उन्हें पानी चाहिए। हेमंत सरकार हाय हाय, पेयजल मंत्री हाय हाय, पीएचडी विभाग हाय हाय का नारा लग रहा था।

बताया जाता है कि पेटरवार प्रखंड के हद में ओरदाना पंचायत के हरिजन करमाली टोला में चापाकल खराब होने के कारण रहिवासी पानी के लिए परेशान हो रहे है। इस टोला में मात्र एक चापाकल है, जो कई महीनों से ख़राब है। ख़राब चापाकल के कारण यहां के लगभग एक सौ से अधिक घरों में पेयजल संकट छा गई है। यहां के रहिवासियों ने बार-बार मांग उठायी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

घासी टोला की जमुनिया देवी ने बताया कि हमलोगों को एक किलोमीटर की दुरी से पानी लाना पर रहा है। दूसरे के कुआं से सिर्फ पानी पीने के लिए मिलता है। वे भी मना करते हैं कि हमारे कुआं में भी पानी सूख रहा है। कई दिनों से हम सभी पानी के चलते स्नान तक नहीं कर पाते हैं। रहिवासियों ने कहा कि तेनुघाट से घर-घर पानी देने का वादा किया गया था।

लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। पानी का पैसा जल सहिया हर महीना 62 रुपए हम से लेती है, लेकिन पानी नहीं मिलता है। उन्होंने वार्ड सदस्य, मुखिया, पेयजल विभाग को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अभी तक किसी तरह का कोई कार्रवाई नहीं हुई। रहिवासी जमुनिया देवी के अनुसार अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं होता है तो हम ग्रामवासी ओरदाना चौक के पास तेनु-पेटरवार मार्ग को जाम कर देंगे।

ग्रामीण रहिवासी अशोक घासी ने बताया कि सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी के ऊपर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, फिर भी रहिवासी पानी से वंचित रह जा रहे हैं। कहा कि ओरदाना पंचायत के घासी टोला में कई वर्षों से चापाकल खराब होने के चलते वे सभी पानी के एक एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। इसकी शिकायत जलसहिया, मुखिया और पेयजल विभाग के अधिकारी को लगातार दी जा रही है, फिर भी अधिकारी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। जबकि जल नल योजना के तहत हर गांव में पानी का कनेक्शन दिया गया है, लेकिन वह हाथी का दांत साबित हो रहा है।

अगर किसी तरह पानी चलता भी है तो एक बाल्टी भरने में एक घंटा से ज्यादा समय लग जाता है। फिर सप्ताह भर सप्लाई बंद हो जाता है। कहा कि ग्रामीण सप्लाई पानी का हर महीना पैसा देते है, मगर पानी नहीं मिलता है। अगर पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे तेनु-पेटरवार मार्ग को जाम कर देंगे। जिसकी जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी।

इस क्रम में महिलाओं ने कहा कि हम सभी को मईया सम्मान योजना का लाभ नहीं चाहिए। जीने के लिए पानी चाहिए।
मौके पर मालती देवी, सबली देवी, संजीत देवी, अनीता देवी, किरण देवी, तरणी देवी, सुमन देवी, दुलारी देवी, बसंती देवी, उर्मिला देवी, सुमित्रा देवी, सीमा देवी, मुद्रिका देवी, जिरवा देवी, आरती देवी, ज्योति देवी, जुगनी देवी, रोशनी देवी, देवंती देवी, बबलू कुमार, जादव घासी, मनोज घासी, कार्तिक घासी सहित काफी संख्या में रहिवासी मौजूद थे।

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