एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। दुमका लोकसभा सीट से झारखंड आंदोलनकारी स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की धर्मपत्नी एवं तीन बार की विधायक सीता सोरेन को चुनाव लड़ाया जाय।
उपरोक्त बाते आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने 14 मार्च को कही। उन्होंने जेएमएम अध्यक्ष शिबु सोरेन से मांग किया कि वे अपने बड़े बेटे एवं झारखंड आंदोलनकारी रहे स्वर्गीय दुर्गा सोरेन के परिवार के प्रति सकारात्मक सोच रखते हुए उन्हें भी जेएमएम में भागीदारी देने का काम कर उसे संसद में भेजने का काम करें, जो उनका हक भी बनता है।
नायक ने कहा कि गुरुजी अपने बड़े बेटे की धर्मपत्नी का राजनीतिक रूप से शोषण करने का काम कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि चंपई सोरेन मंत्रिमंडल में उनको जगह तक नही देकर मंत्री तक नहीं बनाया गया। अपने छोटे बेटे बसंत सोरेन को कैबिनेट मंत्री बनाया और अपनी बहू को भूल जाने का काम किया, जिससे प्रतीत होता है कि गुरुजी सिर्फ अपने दो बेटे हेमंत सोरेन और बसंत सोरेन का राजनीतिक कद बढ़ाने में लगे हुए हैं।
अपने बड़े बेटे के बहु सीता सोरेन को राजनीतिक हासिये में रखने का काम किया जा रहा है, जो झारखंड की जनता देख रही है। आने वाले दिनों में स्वर्गीय दुर्गा सोरेन को चाहने वाले कार्यकर्ता इसका मुंहतोड़ जवाब देने का काम करेगा।
नायक ने कहा कि जब परिवारवाद की ही राजनीति गुरुजी कर रहे हैं तो स्वर्गीय दुर्गा सोरेन कि धर्मपत्नी सीता सोरेन की उपेक्षा क्यों की जा रही है? जिसका जवाब आने वाले दिनों में झारखंड के आदिवासी मूलवासी समाज एवं दुर्गा सोरेन समर्थक पूछने का काम करेंगे। उन्हें इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि क्या झामुमो में स्वर्गीय दुर्गा सोरेन का हक और अधिकार नहीं बनता?
अगर वह जीवित रहते तो क्या हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बन जाते। उनके मृत्यु होने से सबसे ज्यादा राजनीतिक लाभ हेमंत सोरेन को मिला। हेमंत सोरेन अपने कुकर्मों के कारण जेल जाने का काम किए हैं। उसके बाद भी वे कहीं राजनीति में हासिये में ना चले जाए, इसलिए वे पुन: दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं। अगर हेमंत सोरेन दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें हराने के लिए वहां के आदिवासी मूलवासी समाज एवं दुर्गा सोरेन समर्थक उनको हारने का काम करेगा।
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