एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में मकोली मोड़ स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में स्वच्छता पखवाड़ा पर विद्यालय के दयानंद सभागार में 22 जून को विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सर्वप्रथम वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्वलित किया गया। कार्यक्रम में सीसीएल ढोरी क्षेत्र के महाप्रबंधक रंजय कुमार सिन्हा की धर्मपत्नी रूप सिंन्हा के साथ भव्या महिला मण्डल की सदस्या भी मौजूद थी।
सीआरसी के मैनेजर शैलेश कुमार तथा विद्यालय के प्राचार्य सत्येंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित किया। तदुपरांत विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गान, एकल नृत्य, सामूहिक नृत्य जैसे कार्यक्रम आयोजित किया।
विद्यालय स्थित महात्मा हंसराज वाचनालय सह पुस्तकालय में कला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए सभी चित्र दर्शकों को अपनी ओर आकृष्ट कर रहा था। विद्यालय की बच्चियों ने स्वच्छता से संबंधित रंगोली बनाकर उपस्थित जन समुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर बुश कटिंग, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए बैनर के साथ बच्चों की एक टीम तथा सफाई कर्मचारियों की एक टीम ने विद्यालय के समीपवर्ती सड़क को साफ किया। विद्यालय परिसर में अतिथियों व् विद्यालय के प्राचार्य द्वारा पौधारोपण का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चे बच्चियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर भव्या महिला मंडल की सदस्यों ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के महाप्रबंधक सिन्हा की धर्मपत्नी ने स्वच्छता को जीवन में अपनाने की नसीहत दी। साथ ही बताया कि इस विद्यालय की प्रतिष्ठा को बनाए रखना यहां के शिक्षकों और बच्चों की समवेत जवाबदेही है।
सीसीएल प्रबंधन विद्यालय को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए सदैव प्रयासरत है। कहा कि उन्हें आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में निश्चित रूप से यह विद्यालय प्रतिष्ठा की बुलंदियों को प्राप्त करेगा और इस क्षेत्र का नाम रोशन करेगा।
विद्यालय के प्राचार्य सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शैक्षिक और सहगामी क्रियाओं में बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करती है कि आगे चलकर यह बच्चे परिवार, समाज और राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे। इस दिशा में हमारी कोशिश हमेशा यही रहती है कि इन्हें व्यवहारिक जीवन से हमेशा जोड़े रखा जाए और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति को जीवित व जीवंत बनाए रखा जाए।
इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न शिक्षक शिक्षिकाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सभी क्रियाकलापों में कार्य कौशल प्रदर्शित की, जिनमें प्रमुख रूप से सहगामी क्रिया कलापों के संयोजक एस के शर्मा, पी के सहाय, अशोक पॉल, आरती चौहान, गोपाल शूक्ला, एस सी बुडेक, बबलू कुमार, साधु चरण शुक्ला, सुनील कुमार, रोहित सिन्हा सहित सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।
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