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वंदे मातरम् हमारी सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना की धुरी-डॉ जी. एन. खान

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में एनसीसी आर्मी विंग के विद्यार्थियों के लिए 7 नवंबर को पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय वंदे मातरम : सांस्कृतिक गौरव और नागरिक जिम्मेदारी था।

जानकारी के अनुसार यह प्रतियोगिता विद्यालय परिसर में प्रात: 10:30 बजे से शुरू की गई। इसमें 20 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। यह प्रतियोगिता 22 झारखंड बटालियन हजारीबाग के निर्देशन में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में तीन सर्वश्रेष्ठ कृतियां चयनित की गई जिनमें लक्ष्य को प्रथम, शिखा को द्वितीय एवं नव्या सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उक्त पोस्टर हजारीबाग यूनिट को प्रेषित की जाएंगीं।

एनसीसी आर्मी विंग के विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता के पश्चात एक रैली भी निकाली, जिसमें वंदे मातरम का सस्वर उद्घोष किया गया। रैली का नेतृत्व स्वयं डीएवी झारखंड जोन आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी सह विद्यालय के प्राचार्य डॉ जी. एन. खान कर रहे थे। उनके अतिरिक्त कथारा ओपी प्रभारी भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए उपस्थित रहे। पूरा वातावरण इस राष्ट्र गीत को सुनकर देशभक्ति की भावना से भर गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सह झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी.एन. खान ने अपने संबोधन में कहा कि सन 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इस तराने की रचना की थी। आज देश उनकी रचना के 150वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। कहा कि कांग्रेस के अधिवेशन में पहली बार इसको प्रस्तुत किया गया। सभी ने इसकी सराहना की। इस गीत ने समस्त स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के मन में आजादी की ज्योति जगा दी।
प्राचार्य डॉ खान ने बताया कि वर्ष 1905 में बंग-भंग आंदोलन में इस गीत ने सबके मन में एक नई चेतना भर दी थी।

प्रत्येक समुदाय के रहिवासी इस गीत से प्रेरणा लेकर बंगाल विभाजन को निरस्त करने की मांग करने लगे। मां भारती के असंख्य वीर सपूतों ने वंदे मातरम का उद्घोष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। कहा कि वंदे मातरम को भारतीय सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है। अतीत में इसके बोल जिस प्रकार देशभक्ति और उत्साह का संचार करते थे, वर्तमान में भी इसके बोल चमत्कृत करते हैं। भविष्य में भी इसका वही असर दर्शनीय होगा। हमें अपने इस राष्ट्रगीत से प्रेरणा लेकर अपने अंदर देशभक्ति की भावना का संचार करना चाहिए।

समस्त कार्यक्रम को सफल बनाने में एनसीसी आर्मी विंग के सीटीओ शिव प्रकाश सिंह, रंजीत कुमार सिंह, संजय महतो, संगीत कुमार, राहुल कुमार की विशेष भूमिका रही। उक्त जानकारी विद्यालय के शिक्षक रंजीत कुमार सिंह तथा बी. के. दसौंधी ने दी।

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