एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची के डंगरा टोली स्थित जलाराम मंदिर में आयोजित दस दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा प्रसंग में 2 अप्रैल को वामन अवतार और श्रीकृष्ण जन्म एवं बली राजा का चरित्र प्रस्तुत किया गया। श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया गया। साथ हीं इस दिन राजा बाली की कथा सुनाई गयी।
जानकारी देते हुए आयोजन समिति के हरीश दोशी उर्फ राजु भाई ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस 2 अप्रैल को पूज्य गुरूजी मोहित भाईजी राज्यगुरु ने कहा कि भगवान की वस्तु को भगवान को समर्पित कर जीवन में मुक्ति मिलती है। वामन अवतार प्रसंग में गुरूजी ने कहा कि हमारे पास जो है वह सब कुछ भगवान का दिया है। महाराज बलि ने सब कुछ भगवान वामन को समर्पित कर भगवान को ही प्राप्त कर लिया।
कथा के दौरान बताया गया कि मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर भगवान नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में माता देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के हरीश दोशी उर्फ राजू भाई, पंकज ठक्कर, आनंद मानेक, नीलेश चौहान, राजेश चौहान, कुणाल टांक, हेमंत पटेल, मुकेश चौटालिया, अनुराग पटेल, विजय पटेल, शरद पटेल, मंगला बेन, यसु बेन, भारती बेन, चंचला बेन इत्यादि उपस्थित थे।
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