गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर(वैशाली)। भ्रष्टाचार के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये तीन राजस्व कर्मचारी को वैशाली के जिलाधिकारी (डीएम) यशपाल मीणा ने निलंबित कर दिया है। कर्मचारियों के निलंबन से वैशाली जिला के हद में तमाम सरकारी महकमा में अफरा तफरी मच गया है।
सरकारी महकमा में यूं तो भ्रष्टाचार हर राज्य में है, लेकिन बिहार में गत 5 वर्षों के दौरान नीतीश कुमार की सरकार में बेतहासा बढ़ा है। बिना पेशगी और नजराना दिए गरीब जनता का काम होना मुश्किल हो गया है। निगरानी विभाग द्वारा कतिपय भ्रष्ट कर्मचारी पकड़े भी जा रहे हैं, लेकिन घुस का प्रचलन भी बढ़ गया है।
निगरानी से बचने के लिये अब अधिकारियों और कर्मचारी द्वारा अपना आदमी, दलाल या नाजायज रखने का प्रचलन बढ़ा है। थाना से लेकर, अंचल, प्रखंड तथा जिला कार्यालय सभी के अपने अपने दलाल या नाजायज कर्मी हैं, जो गरीब जनता से अवैध वसूली कर साहबो तक पहुंचाते है। सबसे खराब स्थिति भूमि से सम्बंधित विभाग का है।
सरकार ने भूमि से सम्बंधित सभी दस्तावेज को डिजिटलिकरण कर दिया है। जनता से ऑनलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं। लेकिन, सबसे अधिक परेशानी भूमि के निबंधन और दाखिल खारिज को लेकर हैं। अगर मंत्री, सन्तरी का पैरवी है तो बिना चढ़ावा के आपका काम हो सकता है।
वैशाली जिले के नए जिलाधिकारी यशपाल मीणा जब से आये हैं, रात दिन जन समस्याओं को दूर करने में लगे हैं। इस कार्य में संभवतः अन्य पदाधिकारियों का इन्हें अपेक्षित सहयोग नही मिल रहा है। इनके यहां आने के बाद भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्यवाही भी हुई है। बीते 23 जून को डीएम द्वारा तीन राजस्व कर्मचारी को निलंबित किया गया है एवं चार तत्कालीन अंचल अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार निलंबित होने वाले राजस्व कर्मचारी में अरुण कुमार पासवान, पुरुषोत्तम कुमार एवं गर्भू दास शामिल है, जिन्हे अभिलेखों में बरती गई अनियमितता एवं अवैध जमाबंदी कायम करने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
इन तीनो के विरुद्ध उच्च न्यायालय पटना में चल रहे वाद में पारित आदेश तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार पटना से प्राप्त पत्र के आलोक में जिलाधिकारी के द्वारा यह कार्रवाई की गई है। ज्ञात हो कि, अरुण कुमार पासवान राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय वैशाली एवं प्रतिनियुक्त अंचल कार्यालय हाजीपुर, पुरुषोत्तम कुमार तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अंचल कार्यालय हाजीपुर, आदि।
वर्तमान में अंचल कार्यालय सहदेई बुजुर्ग में पदस्थापित थे एवं गर्भू दास राजस्व कर्मचारी सह तत्कालीन प्रभारी अंचल निरीक्षक अंचल कार्यालय हाजीपुर में कार्यरत थे, जिन्हे निलंबित करते हुए सभी का मुख्यालय जिला राजस्व भूमि सुधार प्रशाखा हाजीपुर में निर्धारित किया गया है। निलम्बन अवधि में बिहार सरकारी सेवक नियमावली- 2005 के नियम 10 के अंतर्गत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय रखा गया है।
जिलाधिकारी के द्वारा हाजीपुर के तत्कालीन चार अंचलाधिकारियों के विरुद्ध आरोप गठित कर प्रपत्र (क) में विभागीय कार्रवाई के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार पटना को भेजा गया है। इन अंचलाधिकारियों में अंजय कुमार राय, दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार सिंह एवं मुकुल कुमार झा शामिल हैं।
ये सभी राजस्व और अंचल पदाधिकारी अपने कारनामो को लेकर काफी चर्चित रहे हैं। इन सभी के विरुद्ध कार्यवाही से दूसरों को थोड़ा बहुत भय तो जरूर होगा।
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