जिला उपायुक्त से गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराने की मांग
एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। लातेहार जिला के हद में चंदवा प्रखंड के कामता-सेरक पथ निर्माण को लेकर गुणवत्ता पर कामता पंचायत समिति सदस्य ने सवालिया निशान लगाया है। पंसस ने जिला उपायुक्त से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
कामता पंचायत के पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने 3 मार्च को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग की मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत स्वीकृत कामता – सेरक की 12.500 किलो मीटर तक पथ के विशेष मरम्मति कार्य के कल्भर्ट पुलिया निर्माण में वन क्षेत्र के घटिया पत्थर का उपयोग किया जा रहा है। कहा कि जानकारी के बाद भी वन विभाग मौन धारण किए हुए है।
कहा गया है कि ठेकेदार द्वारा यहां पत्थर का उपयोग लगभग पंद्रह दिनों से की जा रही है। जिसमें वन क्षेत्र की पत्थर से जोड़ाई कर दो तीन कल्भर्ट तैयार भी कर लिया गया है। कहा गया कि वन क्षेत्र से पत्थर का खनन कर घटिया पत्थर का उपयोग कामता – सेरक पथ मे होने से कल्भर्ट पुलिया काफी कमजोर बन रही है। जानकारी के बाद भी वन विभाग मौन धारण किए हुए हैं।
पंसस खान ने कहा है कि उक्त कार्य की शुरुआत में ही यह हाल है, तो आगे क्या होगा। इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कहा गया कि वन विभाग की नजर केवल गरीबों पर ही रहती है। संवेदक के मामले जब आते हैं तो उसपर विभाग आंख बंद कर लेती है।
निर्माण साईट में विभाग के जेई भी अनुपस्थित रहते हैं। पंसस खान ने कामता – सेरक पथ की मरम्मती कार्य में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग लातेहार जिला उपायुक्त गरिमा सिंह से किया है।
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