एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमण द्वारा एक फ़रवरी को पेश किया गया अंतरिम बजट खोदा पहाड़, निकली चुहिया वाली कहावत को चरितार्थ करता है। केंद्र सरकार का यह बजट आमजनों को कहीं से भी राहत देनेवाला बजट नहीं कहा जा सकता है।
उपरोक्त बातें संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रभारी झारखंड, छत्तीसगढ़ विजय शंकर नायक ने एक फ़रवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अंतरिम बजट पेश करने पर अपनी प्रतिक्रिया में कहीं।
नायक ने कहा कि जुमले बाजी के दम पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाली भाजपा सरकार से किसी जनकल्याण की उम्मीद करना बेमानी है। इस अंतरिम बजट में न तो आम जनों का, न किसानों का, न महिलाओं के लिए और न ही दलित आदिवासी पिछड़ा अल्पसंख्यक युवाओं के लिए कोई प्रावधान किया गया है।
कहा कि केंद्र सरकार केवल और केवल अपने पूंजीपति मित्रों का ध्यान रखने वाला बजट लेकर आई है। इस अंतरिम बजट से विकास संबंधी कोई भी उम्मीद करना बेमानी है। कहा कि कुल मिलाकर आम बजट गरीब विरोधी है।
नायक ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री का यह कहना कि देश में महंगाई नहीं है। यह बयान महंगाई की मार से करोड़ों मध्यम वर्ग के देशवासियों के लिए आग में घी डालने के समान है, जिसे आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को देखने को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बजट में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की बात करना भी बेमानी है। कयोंकि, यह अंतरिम बजट है, जिससे कई घोषणाओं की उम्मीदें कम ही हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अंतिम काला दस्तावेज साबित होगा जो देश के करोड़ मध्यम वर्ग समाज के भविष्य को अंधकार मे ले जायेगा।
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